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आधे दिन बवाली हालात से जूझा चौक क्षेत्र
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 13 Feb 2017 12:30 AM IST
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चौक बाजार में बिजली विभाग के खिलाफ सड़क जाम करते गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। शहर का चौक बाजार रविवार को आम लोगों की छुट्टी के कारण जहां और दिनों से ज्यादा गुलजार और भीड़ भरा रहता है, वहीं इस रविवार इलाके के लोगों ने भय, भगदड़ और अफरा तफरी का सामना किया। प्राइवेट लाइनमैन रिंकू विश्वकर्मा के करंट से झुलसते ही लोगों में बिजली महकमे के प्रति गुस्सा भड़का तो उसके घर वालों व अन्य कुछ लोगों के मौके पर जुटते ही सड़क जाम, विरोध प्रदर्शन से शुरू हुईं भीड़ की गतिविधियां देखते-देखते हिंसक रूप लेती चली गईं। रिंकू के झुलसने से लेकर भीड़ को तितर बितर करने तक की प्रक्रिया में चौक इलाका करीब आधा दिन बवाली हालात से गुजरा।
रिंकू के झुलसने के बाद जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, वैसे-वैसे लोगों की गुस्सा। शुरुआत में घर व आसपास के लोगों ने बिजली सुधार के बीच सप्लाई चालू करने का आरोप लेकर बिजली महकमे के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। इस बीच इलाज के दौरान रिंकू की जान चली जाने की बात फैली तो लोग बेकाबू हो गए। कुछ ने विद्युत उप केंद्र फूंकने की धमकी दी तो जाम में शामिल महिलाओं ने समझाने की कोशिश करते चौक के एसओ का कॉलर पकड़ लिया। एसओ को घिरता देख साथ मौजूद पुलिस वालों ने लाठियां फटकारना शुरू कर दिया। लोगों के गुस्से को भांपने और मौके पर मौजूद चंद पुलिस वालों की क्षमता आंकने की चूक से माहौल बिगड़ता चला गया।
पुलिस के लाठी उठाने का जवाब भीड़ ने सामूहिक पथराव से दिया तो सामना करते पुलिस वालों में अफरा तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति आ गई। इससे भीड़ हिंसक तेवर में आ गई। पथराव का दायरा बढ़ाते हुए भीड़ ने आसपास के वाहनों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसकी चपेट में आकर एसओ ज्ञानेंद्र राय, एसआई प्रकाश चंद श्रीवास्तव, कांस्टेबिल रामनवल यादव चोटिल हो गए। कुछ लोगों ने सिपाही नंदलाल सोनकर, रामनवल और युधिष्ठिर सिंह की मोटर साइकिलों को आग लगा दी। इस बीच टीकर से आ रही अनुबंधित बस भी उग्र लोगों के निशाने पर आ गई। पहले पथराव किया और सवारियों के उतरकर भागते ही आग लगा दी।
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कई थानों की फोर्स जुटाकर सख्ती किए जाने और कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद भीड़ तितर बितर हुई। पुलिस वालों ने बस और मोटर साइकिलों की आग बुझाई। लगभग आधे दिन के बवाली हालात पर दोपहर बाद काबू पाया जा सका।बिजली विभाग के रवैये पर सवाल ः महराजगंज। चौक इलाके में रिंकू के झुलसने के बाद बवाल चलने तक बिजली महकमे के रवैये पर सवाल उठते रहे। कहा गया कि शटडाउन के बीच लाइन दुरुस्त किए जाने के दौरान बिजली सप्लाई कैसे चालू कर दी गई।
अधिशासी अभियंता संघप्रिय गौतम ने ऐसी स्थिति से इन्कार किया है। उनके मुताबिक रिंकू ने कुछ समय पहले तक बिजली संविदा कर्मी के रूप में काम किया है। काम से अलग होने के बाद भी चौक फीडर की मरम्मत के लिए वह न सिर्फ खुद पहुंचा बल्कि बिना किसी अफसर को बताए शट डाउन लेने की प्रक्रिया भी अपने हाथ से की। इस प्रक्रिया को करने के दौरान ट्राली फंस जाने से शट डाउन हुआ नहीं और वह बिना सच जाने पोल पर चढ़कर करंट की चपेट में आ गया। चौक फीडर के जेई मनीष कुमार के ट्रेनिंग पर गए होने के कारण उनका काम जेई आलोक कुमार देख रहे हैं। घटना के समय वह महराजगंज का फीडर जांच में निकले थे। विभागीय भूमिका की जांच हो रही है।
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रिंकू के झुलसने के बाद जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, वैसे-वैसे लोगों की गुस्सा। शुरुआत में घर व आसपास के लोगों ने बिजली सुधार के बीच सप्लाई चालू करने का आरोप लेकर बिजली महकमे के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। इस बीच इलाज के दौरान रिंकू की जान चली जाने की बात फैली तो लोग बेकाबू हो गए। कुछ ने विद्युत उप केंद्र फूंकने की धमकी दी तो जाम में शामिल महिलाओं ने समझाने की कोशिश करते चौक के एसओ का कॉलर पकड़ लिया। एसओ को घिरता देख साथ मौजूद पुलिस वालों ने लाठियां फटकारना शुरू कर दिया। लोगों के गुस्से को भांपने और मौके पर मौजूद चंद पुलिस वालों की क्षमता आंकने की चूक से माहौल बिगड़ता चला गया।
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पुलिस के लाठी उठाने का जवाब भीड़ ने सामूहिक पथराव से दिया तो सामना करते पुलिस वालों में अफरा तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति आ गई। इससे भीड़ हिंसक तेवर में आ गई। पथराव का दायरा बढ़ाते हुए भीड़ ने आसपास के वाहनों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसकी चपेट में आकर एसओ ज्ञानेंद्र राय, एसआई प्रकाश चंद श्रीवास्तव, कांस्टेबिल रामनवल यादव चोटिल हो गए। कुछ लोगों ने सिपाही नंदलाल सोनकर, रामनवल और युधिष्ठिर सिंह की मोटर साइकिलों को आग लगा दी। इस बीच टीकर से आ रही अनुबंधित बस भी उग्र लोगों के निशाने पर आ गई। पहले पथराव किया और सवारियों के उतरकर भागते ही आग लगा दी।
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कई थानों की फोर्स जुटाकर सख्ती किए जाने और कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद भीड़ तितर बितर हुई। पुलिस वालों ने बस और मोटर साइकिलों की आग बुझाई। लगभग आधे दिन के बवाली हालात पर दोपहर बाद काबू पाया जा सका।बिजली विभाग के रवैये पर सवाल ः महराजगंज। चौक इलाके में रिंकू के झुलसने के बाद बवाल चलने तक बिजली महकमे के रवैये पर सवाल उठते रहे। कहा गया कि शटडाउन के बीच लाइन दुरुस्त किए जाने के दौरान बिजली सप्लाई कैसे चालू कर दी गई।
अधिशासी अभियंता संघप्रिय गौतम ने ऐसी स्थिति से इन्कार किया है। उनके मुताबिक रिंकू ने कुछ समय पहले तक बिजली संविदा कर्मी के रूप में काम किया है। काम से अलग होने के बाद भी चौक फीडर की मरम्मत के लिए वह न सिर्फ खुद पहुंचा बल्कि बिना किसी अफसर को बताए शट डाउन लेने की प्रक्रिया भी अपने हाथ से की। इस प्रक्रिया को करने के दौरान ट्राली फंस जाने से शट डाउन हुआ नहीं और वह बिना सच जाने पोल पर चढ़कर करंट की चपेट में आ गया। चौक फीडर के जेई मनीष कुमार के ट्रेनिंग पर गए होने के कारण उनका काम जेई आलोक कुमार देख रहे हैं। घटना के समय वह महराजगंज का फीडर जांच में निकले थे। विभागीय भूमिका की जांच हो रही है।