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मौत के एक साल बाद आई लाश
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:10 AM IST
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सऊदी अरब से शव आते ही मच गया कोहराम।
- फोटो : अमर उजाला
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चौक बाजार। क्षेत्र के खोस्टा निवासी का सऊदी के आबा शहर में सड़क पर का करते समय रोलर से दब जाने के कारण उसकी मौत हो गई। मौत की खबर से घर के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता परमहंस और माता रमापति की आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पत्नी रीमा का बदहवास है। उनकी हालत पागलों की तरह हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार तुलसी 30 वर्ष अपने व परिवार के जीविकोपार्जन के लिए जुलाई 2015 में सऊदी के आबा नामक शहर में गया था। वह एक निजी कंपनी में रोलर के साथ रोड बनाने का काम करता था। कुछ माह तक वह काम किया था कि 26 दिसंबर 2015 को रोलर से दब जाने से उसकी मौत हो गई।
तुलसी की मौत की सूचना साथ में काम करने वाले लोगों ने दी। सूचना मिलने पर पिता परमहंस ने कंपनी के लोगों से बात की और शव को भेजने की फरियाद की। कंपनी ने तुलसी के शव को 26 दिसंबर 2016 को पुलिस की देखरेख में पैतृक घर खोस्टा में भेजवाया।
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गांव में ताबूत पहुंचते ही लोगों की आंखें भर आईं। लोग फफक-फफक कर रोने लगे। तुलसी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसके पास खाने के लिए रोटी जुटाने में परेशानी थी। यह सोच माता पिता ने कर्ज लेकर तुलसी को सऊदी भेजा कि बेटा पैसा कमाएगा तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी।
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मिली जानकारी के अनुसार तुलसी 30 वर्ष अपने व परिवार के जीविकोपार्जन के लिए जुलाई 2015 में सऊदी के आबा नामक शहर में गया था। वह एक निजी कंपनी में रोलर के साथ रोड बनाने का काम करता था। कुछ माह तक वह काम किया था कि 26 दिसंबर 2015 को रोलर से दब जाने से उसकी मौत हो गई।
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तुलसी की मौत की सूचना साथ में काम करने वाले लोगों ने दी। सूचना मिलने पर पिता परमहंस ने कंपनी के लोगों से बात की और शव को भेजने की फरियाद की। कंपनी ने तुलसी के शव को 26 दिसंबर 2016 को पुलिस की देखरेख में पैतृक घर खोस्टा में भेजवाया।
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गांव में ताबूत पहुंचते ही लोगों की आंखें भर आईं। लोग फफक-फफक कर रोने लगे। तुलसी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसके पास खाने के लिए रोटी जुटाने में परेशानी थी। यह सोच माता पिता ने कर्ज लेकर तुलसी को सऊदी भेजा कि बेटा पैसा कमाएगा तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी।