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ठंड बनी जानलेवा, दो बुजुर्गों की मौत
महराजगंज (ब्यूूूराो)
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:52 PM IST
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घ्ाटना
- फोटो : amarujala
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महराजगंज।जिले में ठंड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चार दिन पहले चार लोगों की जान लेने वाली ठंड ने मंगलवार की रात दो और बुजुर्गों की जान ले ली। मामला जिले के चौक बाजार थाना क्षेत्र के बरगदही बसंतनाथ गांव का है। बताया गया कि रात में विकाऊ 72 और भोली 62 अपने घर में सोये हुये थे। बुधवार की सुबह दोनो बिस्तर पर देर तक पडे रहे तो घर वालों को चिंता हुई। जगाने गए तो दोनो मृत मिले। इन बुजर्गो के घर की माली हालत ठीक नहीं है। परिजन बताते हैं कि ठंड लगने से मौत हुई है।
उधर, आसमान पर मंगलवार की शाम बादलों के डेरा जमाए रहने से रात में पारा 5 डिग्री से उछलकर 6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बुधवार को पारा दिन में तापमान 17 डिग्री से रात को गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस रह गया। दिन और रात के तापमान में अंतर घटने से सर्दी ने बखूबी अहसास कराया। रोजाना की तरह कामकाजी लोग सुबह के वक्त सिर से लेकर पैर गर्म कपडे़ से लैस होकर घरों से निकले। इसके बावजूद शीतलहर के हवाएं लोगों को सताती रही।
हांलाकि दोपहर तीन बजे के बाद बादलों की परत कमजोर पड़ने पर हल्की धूप महसूस हुई। लेकिन सर्द हवाओं के झोके घूप की गर्माहट छीनते रहे। थर्मामीटर का पारा जमाव बिंदु से भले ही उपर है, लेकिन सर्दी के तीखे तेवरों में कोई कमी नहीं आई। आसमान पर बादल छाए होने से दोपहर बाद तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। ऊपर से शीतलहर नश्तर बनकर बदन में चुभती रही। धूप न निकलने से ठिठुरन ने आम से लेकर खास तक हर किसी को खूब सताया। ऐसे बिगड़ैल, मौसम में भी गरीब परिवारों के तमाम लोग प्रशासन से कंबल पाने की आस में है। भीषण ठंड में आमजन मानस घरों में दुबका हुआ है। वहीं नगर पंचायत प्रशासन लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था नाकाफी नजर आ रही है। जिले के जिला अस्पताल, गायत्री शक्ति पीठ, बस स्टेशन के आसपास लोग चादरें लपेटे लोग बैठे दिखें।
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कई बुजुर्ग महिलाएं भी कंबल की आस में चादर लपेटकर गठरी जैसी घंटों एक ही स्थान पर बैठी नजर आई। सर्दी का सबसे ज्यादा असर विभिन्न समस्याओं से सताए उन ग्रामीणों पुरुषों और महिलाओं की, जो अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट स्थित अफसरों के दफतरों पर पहुंच रहे हैं। सदर तहसील के कई गांव की महिलाएं अपने नवजात शिशुओं के साथ समस्याओं की निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट आ रही है। सर्दी से हाल में कोई राहत न मिलने पर तमाम लोगों ने बाजारों से मफलर दस्ताने, कैप आदि खरीद करते दिखे।
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उधर, आसमान पर मंगलवार की शाम बादलों के डेरा जमाए रहने से रात में पारा 5 डिग्री से उछलकर 6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बुधवार को पारा दिन में तापमान 17 डिग्री से रात को गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस रह गया। दिन और रात के तापमान में अंतर घटने से सर्दी ने बखूबी अहसास कराया। रोजाना की तरह कामकाजी लोग सुबह के वक्त सिर से लेकर पैर गर्म कपडे़ से लैस होकर घरों से निकले। इसके बावजूद शीतलहर के हवाएं लोगों को सताती रही।
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हांलाकि दोपहर तीन बजे के बाद बादलों की परत कमजोर पड़ने पर हल्की धूप महसूस हुई। लेकिन सर्द हवाओं के झोके घूप की गर्माहट छीनते रहे। थर्मामीटर का पारा जमाव बिंदु से भले ही उपर है, लेकिन सर्दी के तीखे तेवरों में कोई कमी नहीं आई। आसमान पर बादल छाए होने से दोपहर बाद तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। ऊपर से शीतलहर नश्तर बनकर बदन में चुभती रही। धूप न निकलने से ठिठुरन ने आम से लेकर खास तक हर किसी को खूब सताया। ऐसे बिगड़ैल, मौसम में भी गरीब परिवारों के तमाम लोग प्रशासन से कंबल पाने की आस में है। भीषण ठंड में आमजन मानस घरों में दुबका हुआ है। वहीं नगर पंचायत प्रशासन लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था नाकाफी नजर आ रही है। जिले के जिला अस्पताल, गायत्री शक्ति पीठ, बस स्टेशन के आसपास लोग चादरें लपेटे लोग बैठे दिखें।
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कई बुजुर्ग महिलाएं भी कंबल की आस में चादर लपेटकर गठरी जैसी घंटों एक ही स्थान पर बैठी नजर आई। सर्दी का सबसे ज्यादा असर विभिन्न समस्याओं से सताए उन ग्रामीणों पुरुषों और महिलाओं की, जो अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट स्थित अफसरों के दफतरों पर पहुंच रहे हैं। सदर तहसील के कई गांव की महिलाएं अपने नवजात शिशुओं के साथ समस्याओं की निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट आ रही है। सर्दी से हाल में कोई राहत न मिलने पर तमाम लोगों ने बाजारों से मफलर दस्ताने, कैप आदि खरीद करते दिखे।