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सीबीआई जांच की मांग पर अड़े
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 15 Dec 2016 12:19 AM IST
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शिक्षक हत्या कांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सक्सेना चौराहे पर दूसरे दिन भी अनशन पर बैठे अंकुर मणि व अन्य।
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महराजगंज।शिक्षक पिता की हत्या की सीबीआई से जांच कराने की मांग पर अड़े समाजवादी युवजन सभा के नेता अंकुर मणि त्रिपाठी का अनशन बुधवार को भी जारी रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि उनके पिता सुरेंद्र मणि त्रिपाठी प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष थे। शिक्षक हित में बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते थे। उन्होंने तत्कालीन बीएसए रामहुजुर प्रसाद के खिलाफ 1.98 करोड़ के फर्जी चेक के मामले को उजागर किया था। अंकुर मणि त्रिपाठी ने कहा कि बीएसए की ओर से लगातार दबाव बनाए जाने व जान से मारने की धमकी दिए जाने के बावजूद वे शिक्षक हित में लड़ते रहे। आरोप लगाया कि यह बात रामहुजूर को नागवार गुजरी और कुछ लोगों के साथ मिलकर पुलिस प्रशासन को मैनेज किया और पिता की हत्या करा दी।
उन्होंने बताया कि हत्या के बाद सदर कोतवाली की भूमिका इतनी संदिग्ध रही कि उनके परिजन के दिए प्रार्थना पत्र पर प्राथमिकी न दर्ज कर चौकीदार के प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस प्रशासन इस मामले को दुर्घटना बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा। उन्होंने हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच न मिलने तक अनशन चलता रहेगा।
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इस दौरान योगेंद्र मणि उर्फ टुन्ना तिवारी, अंचल पांडेय, राजेश्वर मिश्र, पीसी पांडेय, अरुणेश शुक्ला, अश्विनी पटेल, जय मंगल कन्नौजिया, अमित पांडेय, पिंटू दूबे, गोविंद मिश्रा, नरेंद्र तिवारी, राहुल चौबे के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
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अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि उनके पिता सुरेंद्र मणि त्रिपाठी प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष थे। शिक्षक हित में बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते थे। उन्होंने तत्कालीन बीएसए रामहुजुर प्रसाद के खिलाफ 1.98 करोड़ के फर्जी चेक के मामले को उजागर किया था। अंकुर मणि त्रिपाठी ने कहा कि बीएसए की ओर से लगातार दबाव बनाए जाने व जान से मारने की धमकी दिए जाने के बावजूद वे शिक्षक हित में लड़ते रहे। आरोप लगाया कि यह बात रामहुजूर को नागवार गुजरी और कुछ लोगों के साथ मिलकर पुलिस प्रशासन को मैनेज किया और पिता की हत्या करा दी।
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उन्होंने बताया कि हत्या के बाद सदर कोतवाली की भूमिका इतनी संदिग्ध रही कि उनके परिजन के दिए प्रार्थना पत्र पर प्राथमिकी न दर्ज कर चौकीदार के प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस प्रशासन इस मामले को दुर्घटना बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा। उन्होंने हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच न मिलने तक अनशन चलता रहेगा।
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इस दौरान योगेंद्र मणि उर्फ टुन्ना तिवारी, अंचल पांडेय, राजेश्वर मिश्र, पीसी पांडेय, अरुणेश शुक्ला, अश्विनी पटेल, जय मंगल कन्नौजिया, अमित पांडेय, पिंटू दूबे, गोविंद मिश्रा, नरेंद्र तिवारी, राहुल चौबे के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।