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नौ मृतक हिस्ट्रीशीटरों की बंद होगी क्राइम हिस्ट्री
Updated Thu, 08 Mar 2018 11:50 PM IST
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महराजगंज। हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के लिए एसपी के आदेश पर जिले में चलाया गया अभियान पूरा हो गया है। अभियान के तहत जिले में कुल 1028 हिस्ट्रीशीटरों में से नौ अपराधी ऐसे मिले हैं, जिनकी मौत हो चुकी थी। एसपी ने मरने वाले हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट बंद करने का आदेश सभी थानेदारों को दिया है।
जिले में कुल 1028 हिस्ट्रीशीटर थे। कई साल से अफसरों की लापरवाही से हिस्ट्रीशीटरों की जांच नहीं हुई अगर की भी गई तो उनके आंकड़े ठीक नहीं थे। एसपी आरपी सिंह ने जिले के हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन का अभियान चलाया। एएसपी आशुतोष शुक्ल ने बताया कि क्राइम कंट्रोल और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महकमा शातिर किस्म के अपराधियों को चिंहिंत करता है। आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसकी हिस्ट्रीशीट खुलती है। इसमें शामिल अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर का दर्जा मिलता है। पुलिस उनकी निगरानी भी करती है। बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान ऐसे हिस्ट्रीशीटर जो घर पर नहीं मिलते, कही दूसरे प्रांत में कार्य कर रहे हैं या फिर घरवालों को बिना बताए गायब है। पुलिस अब लापता हिस्ट्रीशीटरों की तलाश करेगी। यदि व क्रियाशील मिले तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और उन पर बेहतर तरीके से कार्रवाई हो सके। इसके लिए एसपी ने कुछ और ढील दी है। उन्होंने अपराध के दुनिया से आठ साल से अधिक दूरी बना चुके हिस्ट्रीशीटरों को भी राहत दी है। इन आठ सालो में यदि उनके खिलाफ कोई रिपोर्ट आदि दर्ज नहीं हुई और वह अपना कारोबार कर जीवन यापन कर रहे है तो पुलिस उसकी निगरानी तो करेगी, लेकिन पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं करेगी।
जिले में कुल 1028 हिस्ट्रीशीटर थे। कई साल से अफसरों की लापरवाही से हिस्ट्रीशीटरों की जांच नहीं हुई अगर की भी गई तो उनके आंकड़े ठीक नहीं थे। एसपी आरपी सिंह ने जिले के हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन का अभियान चलाया। एएसपी आशुतोष शुक्ल ने बताया कि क्राइम कंट्रोल और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महकमा शातिर किस्म के अपराधियों को चिंहिंत करता है। आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसकी हिस्ट्रीशीट खुलती है। इसमें शामिल अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर का दर्जा मिलता है। पुलिस उनकी निगरानी भी करती है। बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान ऐसे हिस्ट्रीशीटर जो घर पर नहीं मिलते, कही दूसरे प्रांत में कार्य कर रहे हैं या फिर घरवालों को बिना बताए गायब है। पुलिस अब लापता हिस्ट्रीशीटरों की तलाश करेगी। यदि व क्रियाशील मिले तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और उन पर बेहतर तरीके से कार्रवाई हो सके। इसके लिए एसपी ने कुछ और ढील दी है। उन्होंने अपराध के दुनिया से आठ साल से अधिक दूरी बना चुके हिस्ट्रीशीटरों को भी राहत दी है। इन आठ सालो में यदि उनके खिलाफ कोई रिपोर्ट आदि दर्ज नहीं हुई और वह अपना कारोबार कर जीवन यापन कर रहे है तो पुलिस उसकी निगरानी तो करेगी, लेकिन पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं करेगी।
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