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चोरों को पकडने में फेल हो चुकी पुलिस की क्रूरता से सहमें किशोर के परिजन
Updated Sun, 19 Nov 2017 05:54 PM IST
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महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के उस्का गांव में दोनों किशोरों के माता-पिता सभी सहमे हुए हैं। मित्र पुलिस का बेरहम चेहरा देख सभी इस आशंका से भयभीत हैं कि कहीं उनके बच्चों को पुलिस फिर उठा न ले जाए।
उस्का गांव स्थित यशवंत के घर उनके पिता नारद मुनि घर मिले। यशवंत की मां सुशीला देवी घर का कुछ काम कर रही थीं। नारद मुनि से जब घटना के बारे में पूछा गया तो वह फफक पडे़। बोले, चोर को तो पुलिस पकड़ नहीं पाई तो बेटे को बेहरमी से पीट दिया। वह दया की भीख मांगता रहा लेकिन पुलिस ने पीटते-पीटते उसे मरणासन्न कर दिया। अब तो पुलिस के नाम से ही डर लग रहा है। ऐसे पुलिस वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसी गांव में कुछ दूरी पर पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे गए दीपक का घर पड़ा। आवाज लगाने पर कोई बोला नहीं। कई बार आवाज लगाने पर अंदर से आवाज आई। जब अंदर मौजूद लोग पूरी तरह से संतुष्ट हो गए कि पुलिस नहीं है तब दरवाजा खुला। बातचीत के दौरान दीपक के पिता रोगी ने बताया कि वायरल वीडियो में पुलिस की पिटाई का शिकार उनका बेटा ही है। अब तो यह डर लग रहा है कि कहीं कोई बात न हो जाए। दीपक के घर के लोग घटना के बारे में कुछ भी बोलने से परहेज करते रहे। हालांकि बाद में दीपक की मां सिंघाडी देवी ने कहा कि बेटे को इतना पिटा गया है कि 10 हजार से ज्यादा रकम अब तक दवा में खर्च हो चुकी है। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला का कहना है कि इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया एसआई को निलंबित कर दिया गया है। जांच सीओ सदर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गौर कर रहे हैं। जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसके अनुरूप संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उस्का गांव स्थित यशवंत के घर उनके पिता नारद मुनि घर मिले। यशवंत की मां सुशीला देवी घर का कुछ काम कर रही थीं। नारद मुनि से जब घटना के बारे में पूछा गया तो वह फफक पडे़। बोले, चोर को तो पुलिस पकड़ नहीं पाई तो बेटे को बेहरमी से पीट दिया। वह दया की भीख मांगता रहा लेकिन पुलिस ने पीटते-पीटते उसे मरणासन्न कर दिया। अब तो पुलिस के नाम से ही डर लग रहा है। ऐसे पुलिस वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसी गांव में कुछ दूरी पर पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे गए दीपक का घर पड़ा। आवाज लगाने पर कोई बोला नहीं। कई बार आवाज लगाने पर अंदर से आवाज आई। जब अंदर मौजूद लोग पूरी तरह से संतुष्ट हो गए कि पुलिस नहीं है तब दरवाजा खुला। बातचीत के दौरान दीपक के पिता रोगी ने बताया कि वायरल वीडियो में पुलिस की पिटाई का शिकार उनका बेटा ही है। अब तो यह डर लग रहा है कि कहीं कोई बात न हो जाए। दीपक के घर के लोग घटना के बारे में कुछ भी बोलने से परहेज करते रहे। हालांकि बाद में दीपक की मां सिंघाडी देवी ने कहा कि बेटे को इतना पिटा गया है कि 10 हजार से ज्यादा रकम अब तक दवा में खर्च हो चुकी है। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला का कहना है कि इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया एसआई को निलंबित कर दिया गया है। जांच सीओ सदर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गौर कर रहे हैं। जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसके अनुरूप संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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