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Maharajganj News: घर बुलाकर युवक के हत्या के दोषी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा
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एससी/एसटी कोर्ट ने सुनाया फैसला, 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रजापुर तेनुअहिया गांव में वर्ष 2020 में हुई थी हत्या
महराजगंज। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रजापुर तेनुअहिया गांव में वर्ष 2020 में हुए हत्या के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट आबिद शमीम ने दोषी राम प्रसाद प्रजापति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के तेनुअहिया गांव निवासी लालचंद भारती ने 26 मई 2020 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसी दिन भोर में राम प्रसाद प्रजापति की बेटी ने उनके पुत्र अच्छे लाल को फोन कर अपने घर बुलाया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद राम प्रसाद प्रजापति और उसके परिजन ने टांगी, भाला और डंडों से हमलाकर अच्छे लाल की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर राम प्रसाद प्रजापति के विरुद्ध हत्या के आरोप में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें रखीं।
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दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट आबिद शमीम ने राम प्रसाद प्रजापति को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने उसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 40 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। विशेष लोक अभियोजक फड़ीन्द्र नाथ त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।
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पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रजापुर तेनुअहिया गांव में वर्ष 2020 में हुई थी हत्या
महराजगंज। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रजापुर तेनुअहिया गांव में वर्ष 2020 में हुए हत्या के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट आबिद शमीम ने दोषी राम प्रसाद प्रजापति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के तेनुअहिया गांव निवासी लालचंद भारती ने 26 मई 2020 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसी दिन भोर में राम प्रसाद प्रजापति की बेटी ने उनके पुत्र अच्छे लाल को फोन कर अपने घर बुलाया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद राम प्रसाद प्रजापति और उसके परिजन ने टांगी, भाला और डंडों से हमलाकर अच्छे लाल की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
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विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर राम प्रसाद प्रजापति के विरुद्ध हत्या के आरोप में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें रखीं।
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दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट आबिद शमीम ने राम प्रसाद प्रजापति को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने उसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 40 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। विशेष लोक अभियोजक फड़ीन्द्र नाथ त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।