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Maharajganj News: 20 मिनट में पहुंच रही एंबुलेंस, धानी में लग रहा है दोगुना समय

Sun, 13 Sep 2026 02:46 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:46 AM IST
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Container driver killed after being hit by an unidentified vehicle; accused fled the scene.
फरेंदा बनकटी और निचलौल में पांच-पांच एंबुलेंस उपलब्ध, धानी में सात में तीन एंबुलेंस निष्क्रिय
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बेलभार अड्डा बाजार में सिर्फ एक एंबुलेंस के सहारे मरीज, डॉक्टर की भी कमी
महराजगंज। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था तो है लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता और रिस्पांस टाइम में अंतर है। अधिकांश सीएचसी में सूचना मिलने के 15 से 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचने का दावा किया गया है। वहीं धानी क्षेत्र में मरीजों को 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। यहां सात में से तीन एंबुलेंस निष्क्रिय हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा बनकटी में कुल पांच एंबुलेंस हैं। इनमें दो 102, दो 108 और एक एएलएस एंबुलेंस शामिल है। अधीक्षक डॉ. एमपी सोनकर ने बताया कि मरीजों को निर्धारित समय अवधि में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो जाती है। बहुत कम ही ऐसा होता है जब मरीजों को एंबुलेंस के लिए इंतजार करना पड़े।
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सीएचसी निचलौल में भी इमरजेंसी सेवा के लिए पांच एंबुलेंस उपलब्ध हैं और सभी क्रियाशील हैं। अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर होने वाले अधिकांश मरीजों को करीब 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस मिल रही है। शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में घायल रमपुरवा निवासी सुनीता देवी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनके पति विनय कुमार के अनुसार रेफर किए जाने के 20 मिनट से पहले ही एंबुलेंस मिल गई।
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नौतनवां क्षेत्र के सीएचसी रतनपुर में 102 की तीन और 108 की दो एंबुलेंस हैं। अस्पताल में 30 बेड हैं और ओपीडी में करीब 300 मरीज आते हैं। वहीं सीएचसी परतावल में 102 की दो और 108 की एक एंबुलेंस क्रियाशील है। यहां सूचना मिलने के 15 से 20 मिनट में एंबुलेंस पहुंचती है। हालांकि यदि कोई वाहन मरीज लेकर मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल गया हो तो कुछ देरी हो सकती है।
सीएचसी धानी में चार एंबुलेंस क्रियाशील हैं जबकि तीन निष्क्रिय हैं। अधीक्षक डॉ. प्रकाश चंद चौधरी ने बताया कि सामान्य तौर पर 15 मिनट में एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती है, लेकिन जाम या एंबुलेंस के बाहर होने पर 30 से 40 मिनट लग सकते हैं। क्षेत्र के इलियास ने बताया कि हाल में घर की एक महिला के बीमार होने पर करीब दस मिनट में एंबुलेंस मिल गई जबकि कोइल के अनुसार उनकी मां की तबीयत खराब होने पर करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची।

बेलभार अड्डा बाजार में एक एंबुलेंस

न्यू पीएचसी बेलभार अड्डा बाजार में सिर्फ एक 102 एंबुलेंस क्रियाशील है। खाली होने पर मरीजों को सेवा मिल जाती है, लेकिन व्यस्त रहने पर परेशानी होती है। पीएचसी पर आज ही एमबीबीएस महिला चिकित्सक जेबा ने कार्यभार संभाला है। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र में प्रशिक्षण के कारण वह नियमित सेवाएं नहीं दे रही हैं। उनके अलावा कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। फार्मासिस्ट सुदामा यादव मरीजों को देखते हैं। चार बेड वाले केंद्र में आईसीयू नहीं है, जबकि रेडियंट वार्मर उपलब्ध है। स्टाफ नर्स शीला सिंह सामान्य प्रसव कराती हैं। यहां रोज करीब 100 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं।
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