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Maharajganj News: चमकदार अदरक का सेवन...खराब कर सकता है सेहत
Thu, 12 Dec 2024 12:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:23 PM IST
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महराजगंज। धंधेबाज अदरक को एसिड से धूल कर इसे चमकदार बना रहे हैं। ऐसा करके ये एक तरफ अदरक को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं वहीं दूसरी तरफ लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले की अलग-अलग मंडियों में पिकअप से अदरक आता है। मंडियों में अदरक को चमकदार बनाने के लिए धंधेबाज इसे एसिड से धुलते हैं। इससे लोग साफ देखकर जल्दी आकर्षित होते हैं। उन्हें यह पता नहीं होता की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मंडी में अदरक 80 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। शहर की मंडी में 20 क्विंटल प्रति दिन की खपत होती है।
जानकारी के अनुसार, बंगलूरू की सबसे बड़ी मंडी से थोक में 20-22 रुपये प्रति किलो अदरक मंगाकर धंधेबाज इसे एसिड से चमका दे रहे हैं। महराजगंज कारोबारी गोरखपुर की मंडी से इसे लेकर आ रहे हैं। प्रत्येक दिन शहर की मंडी में 20 क्विंटल अदरक आ रहा है। वैसे तो अदरक की खपत पूरे साल होती है, लेकिन सर्दियों में बढ़ जाती है। चाय में स्वाद के अलावा यह खांसी ठीक करने के भी काम आती है। लगभग हर घर में इसकी मौजूदगी होती है। अदरक की सबसे अच्छी खेती गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में होती है।
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प्रति एकड़ उत्पादन करीब 15 टन होता
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति एकड़ अदरक की बुवाई पर करीब 50 हजार रुपये का खर्च आता है। इसका प्रति एकड़ उत्पादन करीब 15 टन होता है। इस साल खराब मौसम के चलते न केवल अदरक का उत्पादन घटा है, बल्कि क्वालिटी भी खराब हुई है। इसका नुकसान किसान उठा रहे हैं। बंगलूरू की थोक मंडी में यह 50 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है, जबकि कम गुणवत्ता वाली हाईब्रिड किस्म वाली अदरक 20-22 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव मिल जा रही है।
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नींबू से भी चमकाया जा सकता है अदरक
अदरक विक्रेता नरेश के मुताबिक, अदरक को साफ व चमकाने के लिए एसिड या केमिकल की जरूरत ही नहीं है। नींबू से भी अदरक को चमकाया जा सकता है। एक टब पानी में आधा किलो नींबू का रस डालकर उससे आधा बोरी अदरक को साफ किया जा सकता है। अदरक को टब में 5 से 10 मिनट तक पड़े रहने देना चाहिए। उसके बाद उसे निकालकर साफ पानी से धो लेना चाहिए। ऐसा करने पर समय अधिक लगता है और अदरक को साफ करने की लागत भी बढ़ जाती है, इसी कारण इस विधि का कम इस्तेमाल किया जाता है।
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अदरक से निकालने वाले रस पर पड़ेगा असर
आयुर्वेद मेडिकल काॅलेज चेहरी के प्राचार्य विशेषज्ञ डॉ. एचएन डे बताते हैं कि अदरक का प्रयोग अधिकतर घरों में किया जाता है। अगर एसिड या किसी भी प्रकार के केमिकल से साफ किया जाएगा तो उसका असर अदरक से निकालने वाले रस पर पड़ेगा। अगर इसे चाय में डालते हैं तो एसिड चाय में घुल जाएगी। अगर किसी को खांसी ठीक करने के लिए अदरक का रस दे रहे हैं तो केमिकल भी शरीर में जाएगा। इसका असर लिवर और किडनी पर पड़ता है। हम अच्छा समझकर महंगे रेट से खरीद भी रहे हैं और उससे शरीर को नुकसान भी हो रहा है।
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अगर ऐसा तो इसकी जांच कराई जाएगी। इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। समय-समय पर टीम जांच कर नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा जाता है।
डॉ.टीआर रावत, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय
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जानकारी के अनुसार, बंगलूरू की सबसे बड़ी मंडी से थोक में 20-22 रुपये प्रति किलो अदरक मंगाकर धंधेबाज इसे एसिड से चमका दे रहे हैं। महराजगंज कारोबारी गोरखपुर की मंडी से इसे लेकर आ रहे हैं। प्रत्येक दिन शहर की मंडी में 20 क्विंटल अदरक आ रहा है। वैसे तो अदरक की खपत पूरे साल होती है, लेकिन सर्दियों में बढ़ जाती है। चाय में स्वाद के अलावा यह खांसी ठीक करने के भी काम आती है। लगभग हर घर में इसकी मौजूदगी होती है। अदरक की सबसे अच्छी खेती गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में होती है।
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प्रति एकड़ उत्पादन करीब 15 टन होता
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति एकड़ अदरक की बुवाई पर करीब 50 हजार रुपये का खर्च आता है। इसका प्रति एकड़ उत्पादन करीब 15 टन होता है। इस साल खराब मौसम के चलते न केवल अदरक का उत्पादन घटा है, बल्कि क्वालिटी भी खराब हुई है। इसका नुकसान किसान उठा रहे हैं। बंगलूरू की थोक मंडी में यह 50 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है, जबकि कम गुणवत्ता वाली हाईब्रिड किस्म वाली अदरक 20-22 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव मिल जा रही है।
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नींबू से भी चमकाया जा सकता है अदरक
अदरक विक्रेता नरेश के मुताबिक, अदरक को साफ व चमकाने के लिए एसिड या केमिकल की जरूरत ही नहीं है। नींबू से भी अदरक को चमकाया जा सकता है। एक टब पानी में आधा किलो नींबू का रस डालकर उससे आधा बोरी अदरक को साफ किया जा सकता है। अदरक को टब में 5 से 10 मिनट तक पड़े रहने देना चाहिए। उसके बाद उसे निकालकर साफ पानी से धो लेना चाहिए। ऐसा करने पर समय अधिक लगता है और अदरक को साफ करने की लागत भी बढ़ जाती है, इसी कारण इस विधि का कम इस्तेमाल किया जाता है।
अदरक से निकालने वाले रस पर पड़ेगा असर
आयुर्वेद मेडिकल काॅलेज चेहरी के प्राचार्य विशेषज्ञ डॉ. एचएन डे बताते हैं कि अदरक का प्रयोग अधिकतर घरों में किया जाता है। अगर एसिड या किसी भी प्रकार के केमिकल से साफ किया जाएगा तो उसका असर अदरक से निकालने वाले रस पर पड़ेगा। अगर इसे चाय में डालते हैं तो एसिड चाय में घुल जाएगी। अगर किसी को खांसी ठीक करने के लिए अदरक का रस दे रहे हैं तो केमिकल भी शरीर में जाएगा। इसका असर लिवर और किडनी पर पड़ता है। हम अच्छा समझकर महंगे रेट से खरीद भी रहे हैं और उससे शरीर को नुकसान भी हो रहा है।
अगर ऐसा तो इसकी जांच कराई जाएगी। इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। समय-समय पर टीम जांच कर नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा जाता है।
डॉ.टीआर रावत, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय