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Maharajganj News: छठ के बाद शुरू होगा नहर पर क्षतिग्रस्त पुलियों का निर्माण
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महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। सदर तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रही बड़ी नहर पर स्थित क्षतिग्रस्त 12 पुलियों का निर्माण छठ के बाद प्रारंभ होगा। सिंचाई विभाग की ओर से टेंडर मार्च में हो चुके हैं। इस परियोजना पर छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण एजेंसी भी नामित कर दी गई है।
जिले के सदर तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली बड़ी नहर कृषि सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। इसके किनारे बसे कई गांवों के किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए इन पुलियों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन कई पुलिया चार वर्ष से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे ग्रामीणों को तमाम परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेतों तक पहुंचने के लिए लोगों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती है। ग्राम पंचायत बैदा की नहर पर स्थित पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां के किसान खेतों में जाने के लिए मजबूरन दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। तेंदुअहिया गांव के झुलनीपुर के पास स्थित पुलिया भी ढह चुकी है। वहीं, सतगुर गोलघर नहर पर स्कैप के पास बनी पुलिया तीन वर्ष से जर्जर है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया की स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।बैदा गांव निवासी रणजीत शर्मा ने बताया कि पुलिया टूटने से खेत तक पहुंचने में एक किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। सिंचाई विभाग प्रथम के अधिकारियों की ओर से इन पुलियों की स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष ही कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसके बाद शासन स्तर से मंजूरी मिलने पर मार्च में निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया गया।
सितेंद्र, भोला, अजय, जितेंद्र, बबलू, संतोष कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि इन पुलियों के निर्माण से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
नहर पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलियों का निर्माण कार्य छठ के बाद शुरू कर दिया जाएगा। सभी पुलियों का निर्माण एक साथ कराया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।
-जयहिंद भारती, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग-प्रथम
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जिले के सदर तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली बड़ी नहर कृषि सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। इसके किनारे बसे कई गांवों के किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए इन पुलियों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन कई पुलिया चार वर्ष से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे ग्रामीणों को तमाम परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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खेतों तक पहुंचने के लिए लोगों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती है। ग्राम पंचायत बैदा की नहर पर स्थित पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां के किसान खेतों में जाने के लिए मजबूरन दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। तेंदुअहिया गांव के झुलनीपुर के पास स्थित पुलिया भी ढह चुकी है। वहीं, सतगुर गोलघर नहर पर स्कैप के पास बनी पुलिया तीन वर्ष से जर्जर है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया की स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।बैदा गांव निवासी रणजीत शर्मा ने बताया कि पुलिया टूटने से खेत तक पहुंचने में एक किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। सिंचाई विभाग प्रथम के अधिकारियों की ओर से इन पुलियों की स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष ही कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसके बाद शासन स्तर से मंजूरी मिलने पर मार्च में निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया गया।
सितेंद्र, भोला, अजय, जितेंद्र, बबलू, संतोष कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि इन पुलियों के निर्माण से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
नहर पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलियों का निर्माण कार्य छठ के बाद शुरू कर दिया जाएगा। सभी पुलियों का निर्माण एक साथ कराया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।
-जयहिंद भारती, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग-प्रथम