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अधिकारों के प्रति छात्राओं को किया जागरूक
Wed, 16 Jan 2019 11:59 PM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 16 Jan 2019 11:59 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशोर की अध्यक्षता में नगर के सोनपति देवी महिला महाविद्यालय में बुधवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं को कानून के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि केवल भाषण सुनने से काम नहीं चलेगा। विचारों को आत्मसात करना होगा। लड़कियों को शिक्षित होना जरूरी है। ताकि वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने दहेज उत्पीड़न सहित अन्य महिला अपराधों के बारे में विस्तार से चर्चा कर छात्राओं को जागरूक किया। वरिष्ठ अधिवक्ता स्वामीनाथ तिवारी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिससे समाज में बेटियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि बेटी और बेटे में भेद भाव की सोच बदलनी होगी। माता पिता के कर्तव्यों के बारे में ंविस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियों की उपेक्षा करने वाले कभी ठीक ढंग से जीवन व्यतीत नहीं कर सकते। अधिवक्ता महताब ने कहा कि देश में महिलाओं की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि मां बच्चों के लिए प्रथम पाठशाला होती है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा बेहतर करने के बारे में जागरूक किया। विद्यालय की छात्रा शालिनी, दीपिका, सबाना खातून ने बेटियों के गिरते अनुपात, शिक्षा आदि के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य हरि प्रकाश शर्मा ने भी विचार व्यक्त किया। शिविर के दौरान प्राधिकरण की ओर से सरल कानूनी पुस्तकों का वितरण भी किया गया।
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शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि केवल भाषण सुनने से काम नहीं चलेगा। विचारों को आत्मसात करना होगा। लड़कियों को शिक्षित होना जरूरी है। ताकि वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने दहेज उत्पीड़न सहित अन्य महिला अपराधों के बारे में विस्तार से चर्चा कर छात्राओं को जागरूक किया। वरिष्ठ अधिवक्ता स्वामीनाथ तिवारी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिससे समाज में बेटियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि बेटी और बेटे में भेद भाव की सोच बदलनी होगी। माता पिता के कर्तव्यों के बारे में ंविस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियों की उपेक्षा करने वाले कभी ठीक ढंग से जीवन व्यतीत नहीं कर सकते। अधिवक्ता महताब ने कहा कि देश में महिलाओं की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि मां बच्चों के लिए प्रथम पाठशाला होती है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा बेहतर करने के बारे में जागरूक किया। विद्यालय की छात्रा शालिनी, दीपिका, सबाना खातून ने बेटियों के गिरते अनुपात, शिक्षा आदि के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य हरि प्रकाश शर्मा ने भी विचार व्यक्त किया। शिविर के दौरान प्राधिकरण की ओर से सरल कानूनी पुस्तकों का वितरण भी किया गया।
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