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महिलाओं को बेहतर सुविधाएं देने का दावे फेल
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महिलाओं को बेहतर सुविधाएं देने का दावे फेल
मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम की रफ्तार धीमी, पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं, स्टाफ नर्स के स्वीकृत हैं 75 पद, तैनाती 50 की
महराजगंज। महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। मानक के अनुसार स्टाफ की तैनाती नहीं होने के कारण मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रमों की प्रगति ठीक नहीं है। विभाग के दावे और हकीकत में अंतर है। जिले में एएनएम के 519 स्वीकृत पद हैं, लेकिन तैनाती 390 एएनएम की है। ऐसे में स्वास्थ्य योजनाओं का बेहतर ढंग से संचालन होने में परेशानी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम के तहत संविदा पर एएनएम के 519 पद स्वीकृत हैं। इसमें 129 पद रिक्त है। स्टाफ नर्स के कुल 75 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 50 स्टाफ नर्स की तैनाती है। इसमें भी 25 पद रिक्त है। मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम के तहत संविदा पर चिकित्सकों के चार स्वीकृत पद के विपरीत तीन डॉक्टर तैनात हैं। निश्चेतक के तीन पद स्वीकृत हैं। इसमें किसी भी निश्चेतक की तैनाती नहीं हो सकी है। तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत है, लेकिन केवल एक ही स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो सकी है। इसमें भी दो पद लंबे समय से खाली है। मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम को गति देने के लिए पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं होने से महिलाओं को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
शास्त्री नगर की संगीता ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के बेहतर इलाज की सुविधा नहीं है। जरूरत पड़ने पर निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। चौक बाजार की रहने वाली ज्योत्सना ने बताया कि विभाग के दावे और हकीकत में बहुत फासला है। सच्चाई यही है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर ढंग से इलाज की सुविधा नहीं है।
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जिले में मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम का बेहतर ढंग से संचालन किया जा रहा है। समय समय पर कार्यक्रम की समीक्षा कर कमियों को ठीक कराने का प्रयास किया जाता है। स्वीकृत पद के सापेक्ष तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम की रफ्तार धीमी, पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं, स्टाफ नर्स के स्वीकृत हैं 75 पद, तैनाती 50 की
महराजगंज। महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। मानक के अनुसार स्टाफ की तैनाती नहीं होने के कारण मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रमों की प्रगति ठीक नहीं है। विभाग के दावे और हकीकत में अंतर है। जिले में एएनएम के 519 स्वीकृत पद हैं, लेकिन तैनाती 390 एएनएम की है। ऐसे में स्वास्थ्य योजनाओं का बेहतर ढंग से संचालन होने में परेशानी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम के तहत संविदा पर एएनएम के 519 पद स्वीकृत हैं। इसमें 129 पद रिक्त है। स्टाफ नर्स के कुल 75 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 50 स्टाफ नर्स की तैनाती है। इसमें भी 25 पद रिक्त है। मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम के तहत संविदा पर चिकित्सकों के चार स्वीकृत पद के विपरीत तीन डॉक्टर तैनात हैं। निश्चेतक के तीन पद स्वीकृत हैं। इसमें किसी भी निश्चेतक की तैनाती नहीं हो सकी है। तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत है, लेकिन केवल एक ही स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो सकी है। इसमें भी दो पद लंबे समय से खाली है। मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम को गति देने के लिए पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं होने से महिलाओं को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
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शास्त्री नगर की संगीता ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के बेहतर इलाज की सुविधा नहीं है। जरूरत पड़ने पर निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। चौक बाजार की रहने वाली ज्योत्सना ने बताया कि विभाग के दावे और हकीकत में बहुत फासला है। सच्चाई यही है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर ढंग से इलाज की सुविधा नहीं है।
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जिले में मातृत्व सुरक्षा कार्यक्रम का बेहतर ढंग से संचालन किया जा रहा है। समय समय पर कार्यक्रम की समीक्षा कर कमियों को ठीक कराने का प्रयास किया जाता है। स्वीकृत पद के सापेक्ष तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ