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Maharajganj News: बच्चों को तेज बुखार के साथ शरीर पर हो रहे लाल दाने
Sat, 21 Sep 2024 06:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 21 Sep 2024 06:51 AM IST
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जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ० विशाल चौधरी छोटे बच्चो की जॉच करते हुए।
महराजगंज। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बच्चों में बुखार के बाद शरीर पर लाल दाने मिल रहे हैं। रोजाना आठ से 10 बच्चे इस समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। दूसरी ओर बड़ी उम्र के लोगों में वायरल फीवर हो रहा है। मरीजों को शरीर में दर्द, जोड़ों और गले में भी दर्द हो रहा है। खाने-पीने और नींद प्रभावित होने से मरीजों में चिड़चिड़ापन भी सामने आ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 40 फीसदी बच्चों को वायरल बुखार है। तेज बुखार के साथ बच्चों के शरीर पर लाल दाने भी पड़ रहे हैं। खांसी ठीक नहीं होने से बच्चे रात में सो नहीं पा रहे, जिससे वे चिढ़चिढ़ापन की दिक्कत भी मिल रही है। उधर, फिजिशियन डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस बार वायरल फीवर में शरीर, मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। जोड़ और गले में भी दर्द हो रहा है। इससे लोगों को खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। खांसी अधिक रहने से नींद पूरी नहीं आने से मरीजों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। कमजोरी की भी दिक्कत मिल रही है।
डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि गले में खराश, सिर में दर्द, आंखों में दर्द की परेशानी लगभग सभी मरीज बता रहे हैं। अगर सामान्य बुखार है तो वह पैरासिटामॉल ले सकते हैं। एंटीबायोटिक दवा लेने से बचें। अगर एक-दो दिन में आराम नहीं मिले तो चिकित्सक को दिखा सकते हैं।
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इन बिंदुओं पर ध्यान देने की जरूरत
गुनगुना पानी पीएं, पानी खूब पीएं, पौष्टिक भोजन लें।
हाथों को साफ रखें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
वायरल फीवर और खांसी है तो मास्क लगाएं, क्वारंटीन भी हो सकते हैं।
कमरे में एसी का तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस रखें।
रेफ्रिजरेटर में रखा ठंडा पानी न पीएं, वासी भोजन न करें।
शीतलपेय, बाजार का खुले में बिकने वाली सामग्री खाने से बचें।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 40 फीसदी बच्चों को वायरल बुखार है। तेज बुखार के साथ बच्चों के शरीर पर लाल दाने भी पड़ रहे हैं। खांसी ठीक नहीं होने से बच्चे रात में सो नहीं पा रहे, जिससे वे चिढ़चिढ़ापन की दिक्कत भी मिल रही है। उधर, फिजिशियन डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस बार वायरल फीवर में शरीर, मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। जोड़ और गले में भी दर्द हो रहा है। इससे लोगों को खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। खांसी अधिक रहने से नींद पूरी नहीं आने से मरीजों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। कमजोरी की भी दिक्कत मिल रही है।
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डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि गले में खराश, सिर में दर्द, आंखों में दर्द की परेशानी लगभग सभी मरीज बता रहे हैं। अगर सामान्य बुखार है तो वह पैरासिटामॉल ले सकते हैं। एंटीबायोटिक दवा लेने से बचें। अगर एक-दो दिन में आराम नहीं मिले तो चिकित्सक को दिखा सकते हैं।
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इन बिंदुओं पर ध्यान देने की जरूरत
गुनगुना पानी पीएं, पानी खूब पीएं, पौष्टिक भोजन लें।
हाथों को साफ रखें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
वायरल फीवर और खांसी है तो मास्क लगाएं, क्वारंटीन भी हो सकते हैं।
कमरे में एसी का तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस रखें।
रेफ्रिजरेटर में रखा ठंडा पानी न पीएं, वासी भोजन न करें।
शीतलपेय, बाजार का खुले में बिकने वाली सामग्री खाने से बचें।