नहाय-खाय के साथ आज शुरू होगा छठ
महराजगंज। सूर्योपासना का महापर्व छठ की शुरुआत मंगलवार को नहाय खाय के साथ होगी। इस बीच सोमवार को घरों से लेकर बाजार और घाटों तक चहल-पहल बढ़ गई। फल व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। श्रद्धालुओं का हुजूम दिन भर जरूरी सामान की खरीदारी में जुटा रहा। महिलाएं घाट पर वेदिका बनाने और पूजन सामग्री की व्यवस्था के साथ साफ-सफाई में तल्लीन रहीं। छठ के पारंपरिक गीत वातावरण में गूंजने लगे हैं। सुदूर शहरों से छठ मनाने के लिए लोग घर लौट आए हैं।
शास्त्री सुशील चंद उपाध्याय ने बताया कि भगवान सूर्य की उपासना का पर्व छठ मंगलवार को पंचमी के दिन खरना है। इस बीच महिलाएं आंशिक उपवास रखेंगी। दिन में व्रत रखने के उपरांत शाम को स्वच्छता से धुले स्थान पर चूल्हा स्थापित कर अक्षत, धूप, दीप व सिंदूर से पूजा करेंगी। तत्पश्चात प्रसाद के लिए रखे आटे से रसियाव - रोटी बनाएंगी। उसके बाद चौक में ही खरना करेंगी। रोटियां बनाने के बाद बचे हुए आटे से एक छोटी सी रोटी बनाकर रखेंगी, जिसे ओठगन कहते हैं। तीसरे दिन व्रत की समाप्ति पर इसी रोटी को खाकर व्रत तोड़ेंगी।
खरना के पूर्व हथेली के आकार की बनी हुई तस्तरी में धूप देने के बाद थाली में परोसे हुए संपूर्ण सामान में से थोड़ा-थोड़ा लेकर डालेंगी, इसे अग्नि जिमाना कहते हैं। उसके बाद अग्रासन या गऊ ग्रास निकालने के बाद ही महिलाएं भोजन करेंगी। खरना करने के बाद बचा हुआ भोजन परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद स्वरूप बाटेंगी। उसके बाद बृृृहस्पतिवार को व्रत रखेंगी और शाम को ढलते सूर्य को अर्ध्य देंगी। शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही तीन दिवसीय छठ पर्व का समापन हो जाएगा।