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लोन एप से चल रहा था ठगी का धंधा, कॉल सेंटर से ठगी के मामले में 213 लोग हिरासत में
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लोन एप से चल रहा था ठगी का धंधा, कॉल सेंटर से ठगी के मामले में 213 लोग हिरासत में
भैरहवा (नेपाल)। बुटवल में पकड़े गए कॉल सेंटर से भारतीयों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। इसके लिए लोन एप को जरिया बनाया गया था। नेपाल पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में कॉल सेंटर में कार्यरत कुल 213 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिए गए आरोपियों में एक भारतीय समेत 78 पुरुष हैं। भारतीय को छोड़ शेष सभी नेपाली नागरिक हैं, जो 12 हजार से 18 हजार रुपये के वेतन पर काम कर रहे थे। हिरासत में लिए गए भारतीय का नाम निरंजन निवासी बोध गया (बिहार) है।
एसपी रूपनदेही रवींद्र रेग्मी का कहना है कि बुटवल के कॉल सेंटर से सिर्फ भारतीयों को ही कॉल किया जा रहा था। मामले की जांच में भारतीय पुलिस से भी मदद मांगी गई है। यदि कोई भारतीय इस मामले में शिकायत करना चाहता है तो वह रूपनदेही जिला पुलिस के 00777985707555 नंबर पर संपर्क या व्हाट्सएप कर सकता है। शिकायत के लिए नेपाल पुलिस की अधिकृत मेल आईडी dprupandehi@nepalpolice.gov.np पर मेल भी किया जा सकता है।
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ऐसे हो रही थी ठगी
प्ले स्टोर में तमाम एप हैं, जिसके माध्यम से 1,000 से 20,000 रुपये तक ऋण दिए जाते हैं। डिजिटल रूप में अपना बैंक विवरण देकर कर्ज लिया जाता है। लेकिन, नियम व शर्तों का हवाला देकर ऋणधारकों से एक सप्ताह में 40 फीसदी कमीशन काट लिया जाता था। फिर रकम जमा करने के लिए कॉल सेंटर की युवतियों से फोन कराया जाता था। कॉल रिकॉर्ड कर कर्र्ज लेने वाले व्यक्ति के बौद्धिक स्तर की जांच की जाती थी। फिर उसे सुनियोजित तरीके बार-बार फोन कर धमकी दी जाती थी। सोशल मीडिया एकाउंट से उसके मित्रों को चिह्नित कर कर्ज वाली बात वायरल कर देने की बात कही जाती थी। कर्ज लेने वाले कई लोगों को हनी ट्रैप का शिकार भी बनाया जाता था।
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भैरहवा (नेपाल)। बुटवल में पकड़े गए कॉल सेंटर से भारतीयों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। इसके लिए लोन एप को जरिया बनाया गया था। नेपाल पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में कॉल सेंटर में कार्यरत कुल 213 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिए गए आरोपियों में एक भारतीय समेत 78 पुरुष हैं। भारतीय को छोड़ शेष सभी नेपाली नागरिक हैं, जो 12 हजार से 18 हजार रुपये के वेतन पर काम कर रहे थे। हिरासत में लिए गए भारतीय का नाम निरंजन निवासी बोध गया (बिहार) है।
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एसपी रूपनदेही रवींद्र रेग्मी का कहना है कि बुटवल के कॉल सेंटर से सिर्फ भारतीयों को ही कॉल किया जा रहा था। मामले की जांच में भारतीय पुलिस से भी मदद मांगी गई है। यदि कोई भारतीय इस मामले में शिकायत करना चाहता है तो वह रूपनदेही जिला पुलिस के 00777985707555 नंबर पर संपर्क या व्हाट्सएप कर सकता है। शिकायत के लिए नेपाल पुलिस की अधिकृत मेल आईडी dprupandehi@nepalpolice.gov.np पर मेल भी किया जा सकता है।
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ऐसे हो रही थी ठगी
प्ले स्टोर में तमाम एप हैं, जिसके माध्यम से 1,000 से 20,000 रुपये तक ऋण दिए जाते हैं। डिजिटल रूप में अपना बैंक विवरण देकर कर्ज लिया जाता है। लेकिन, नियम व शर्तों का हवाला देकर ऋणधारकों से एक सप्ताह में 40 फीसदी कमीशन काट लिया जाता था। फिर रकम जमा करने के लिए कॉल सेंटर की युवतियों से फोन कराया जाता था। कॉल रिकॉर्ड कर कर्र्ज लेने वाले व्यक्ति के बौद्धिक स्तर की जांच की जाती थी। फिर उसे सुनियोजित तरीके बार-बार फोन कर धमकी दी जाती थी। सोशल मीडिया एकाउंट से उसके मित्रों को चिह्नित कर कर्ज वाली बात वायरल कर देने की बात कही जाती थी। कर्ज लेने वाले कई लोगों को हनी ट्रैप का शिकार भी बनाया जाता था।