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Maharajganj News: बदल रहा मौसम...नाक, कान व गले के मरीज बढ़े

Wed, 25 Feb 2026 02:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:09 AM IST
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Changing weather... patients suffering from nose, ear and throat increased
60 से लेकर 100 मरीज ईएनटी ओपीडी में पहुंच रहे
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ईएनटी की ओपीडी में रोजाना औसतन पहुंच रहे हैं 60 मरीज
महराजगंज। जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को नाक, कान और गला ईएनटी विभाग में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई। डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में हो रहे बदलाव के कारण संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे रोजाना 55 से 70 तक मरीज ईएनटी की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।


नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका दीक्षित ने बताया कि औसतन 60 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं जबकि कुछ दिनों पहले यह संख्या 40 थी। इनमें सबसे ज्यादा 20 से 25 मरीज कान में बैक्टीरिया इंफेक्शन के मरीज होते हैं। इसके अलावा, फंगल इंफेक्शन के 8 से 10 मरीज रोजाना आ रहे हैं जबकि गले में दर्द और सूजन की समस्या से पीड़ित 10 से 15 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मौसम का यह बदलाव, विशेष रूप से ठंड बढ़ने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण, वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है।
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घुघली गांव की 37 वर्षीय महिला का कान बह रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। सक्सेना नगर निवासी वीरेंद्र अपने 7 वर्षीय बेटे आराध्य को लेकर आए। उसके नाक से पानी आ रहा था और कान में फुंसी हो गई थी। इसी तरह, लक्ष्मीपुर एकड़ंगा के प्रदीप कुमार (30) पिछले 10 दिनों से कान से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। चेहररी गांव के सिकंदर अपनी पत्नी ललिता को लेकर अस्पताल पहुंचे, उनके कान में 20 दिनों से सूजन बनी हुई है। ये आकड़े दर्शाते हैं कि समस्या बच्चों से लेकर वयस्कों तक सभी आयु वर्ग में फैल रही है।
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डॉ. प्रियंका दीक्षित ने मरीजों को बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। उन्होंने कहा कि ठंडी चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, जैसे ठंडा पानी, आइसक्रीम या ठंडे पेय। पानी हमेशा गुनगुना पिएं। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाकर चलें, ताकि वायरस और बैक्टीरिया से संक्रमण का खतरा कम हो। समय पर इलाज न कराने से समस्या बढ़ सकती है, इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।




डॉक्टर ने बताया कि मौसम बदलाव के कारण अन्य विभागों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है लेकिन ईएनटी विभाग में सबसे ज्यादा प्रभाव दिख रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, घर में धूल-मिट्टी से बचें और समय रहते चिकित्सा सहायता लें। यदि सर्दी-जुकाम, कान दर्द या गले में खराश जैसे लक्षण 2-3 दिनों से अधिक रहें, तो नजर अंदाज न करें।
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