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Maharajganj News: फेको मशीन से जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू
Tue, 01 Oct 2024 04:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 01 Oct 2024 04:32 AM IST
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फेको विधि से ऑपरेशन करते डॉक्टर।
महराजगंज। नेत्र रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में बेमतलब साबित हो रही मोतियाबिंद ऑपरेशन बिना चीरा टांका के करने वाली फेंको मशीन का संचालन सोमवार से शुरू कर दिया गया। इसके लिए जिला अस्पताल के डाॅ. अभिषेक सिंह को प्रशिक्षण भी मिला है।
जिला अस्पताल में आधुनिक फेको मशीन से ऑपरेशन की सुविधा शुरू हो गई है। रोगियों को आधुनिक विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा दी जा रही है। पहले इसके लिए गोरखपुर या किसी अन्य जिले में जाना पड़ता था। इस विधि से ऑपरेशन करने के लिए विभाग की तरफ से जिला अस्पताल के चिकित्सक को प्रशिक्षण दिया गया है। मशीन से आधुनिक तकनीक से मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने से रोगियों को काफी सहूलियत है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि इस तकनीक में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने के लिए छोटा सा चीरा लगाना पड़ता है। इससे प्रत्येक माह करीब 90 से 100 लोगों का ऑपरेशन होता है। बता दें कि डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधिकारी की पहल पर जिला अस्पताल में फेको मशीन खरीदी गई थी। ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण भी अस्पताल प्रशासन की तरफ से नेत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में अभिषेक सिंह, डॉक्टर मनीष निगम और डॉक्टर निरंजन सिंह का नाम प्रस्तावित करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लखनऊ भेजा था। अब नेत्र रोग विशेषज्ञ अभिषेक सिंह को नागपुर में दो माह प्रशिक्षण दिया गया है। सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि इस विधि से ऑपरेशन की सुविधा रोगियों को मिल रही है।
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जिला अस्पताल में आधुनिक फेको मशीन से ऑपरेशन की सुविधा शुरू हो गई है। रोगियों को आधुनिक विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा दी जा रही है। पहले इसके लिए गोरखपुर या किसी अन्य जिले में जाना पड़ता था। इस विधि से ऑपरेशन करने के लिए विभाग की तरफ से जिला अस्पताल के चिकित्सक को प्रशिक्षण दिया गया है। मशीन से आधुनिक तकनीक से मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने से रोगियों को काफी सहूलियत है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि इस तकनीक में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने के लिए छोटा सा चीरा लगाना पड़ता है। इससे प्रत्येक माह करीब 90 से 100 लोगों का ऑपरेशन होता है। बता दें कि डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधिकारी की पहल पर जिला अस्पताल में फेको मशीन खरीदी गई थी। ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण भी अस्पताल प्रशासन की तरफ से नेत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में अभिषेक सिंह, डॉक्टर मनीष निगम और डॉक्टर निरंजन सिंह का नाम प्रस्तावित करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लखनऊ भेजा था। अब नेत्र रोग विशेषज्ञ अभिषेक सिंह को नागपुर में दो माह प्रशिक्षण दिया गया है। सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि इस विधि से ऑपरेशन की सुविधा रोगियों को मिल रही है।
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