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Maharajganj News: ब्रांडेड की आड़ में धंधा, री-पैकिंग कर ग्राहकों को लगा रहे चूना

Wed, 17 Sep 2025 01:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:43 AM IST
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Business under the guise of branded products, cheating customers by re-packaging
बल्लो  गांव में छापेमारी के दौरान बरामद सामान।
महराजगंज। घुघली क्षेत्र में नकली टाटा नमक, चाय और हार्पिक की बड़ी खेप बरामद हुई है। बड़े पैमाने पर नकली उत्पादों की बिक्री की जा रही थी। पुलिस ने गोदाम पर छापा मारकर टाटा नमक, टाटा प्रीमियम टी, फेवी क्विक, हार्पिक और कोलिन जैसे प्रसिद्ध ब्रांडों के नकली उत्पाद भारी मात्रा में बरामद हुए हैं। छापेमारी में आरोपी पिता-पुत्र फरार हो गए, जबकि पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के अनुसार, ब्रांडेड कपंनी की लेबल लगाकर नकली सामान की बिक्री कर धंधा किया जा रहा था। बाजार में धंधेबाजों ने नकली उत्पाद उतार कर मोटा मुनाफा कमाया। मामले की भनक कंपनी के जिम्मेदारों को हुई तो मामले की पोल खुल गई। यह कार्रवाई टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड और रेकिट बेंकाइजर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों की शिकायत पर की गई। 15 सितंबर को दिल्ली निवासी सुभाष शर्मा ने घुघुली थाने में शिकायत दर्ज कराई। वह स्पीड सर्च सिक्योरिटी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड में जांच अधिकारी हैं और उक्त कंपनियों के ट्रेडमार्क व कॉपीराइट उल्लंघन मामलों की जांच के लिए अधिकृत हैं। उनकी शिकायत के अनुसार, विश्वसनीय सूत्रों से पता चला था कि थाना क्षेत्र में एक व्यापारी नकली उत्पादों का उत्पादन, पैकेजिंग और बिक्री कर रहा है। इससे कंपनियों की छवि खराब हो रही है, आर्थिक नुकसान हो रहा है और ग्राहकों को ठगा जा रहा है। उन्होंने बताया कि नकली उत्पाद असली जैसे दिखते हैं लेकिन उनकी गुणवत्ता घटिया है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
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शिकायत का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी ने एक टीम गठित की। पुलिस टीम, सुभाष शर्मा और उनके सहयोगी टीटू शर्मा के साथ सोमवार की शाम करीब 5:47 बजे जांच के लिए रवाना हुई। सबसे पहले टीम जायसवाल किराना स्टोर, शिकारपुर चौराहा, गोरखपुर रोड पहुंची। यहां 24 वर्षीय विशाल जायसवाल मिले। पूछताछ में विशाल ने बताया कि गोदाम उसके पिता योगेंद्र जायसवाल (45) का है, जो दोनों मिलकर चलाते हैं। योगेंद्र बल्लोखास, थाना घुघुली के निवासी हैं। विशाल ने कहा कि उसके पिता नासिक गए हुए हैं और गोदाम की एक चाबी उनके पास है, जबकि दूसरी गुम है। हालांकि, उसने पुलिस को ताला तोड़कर जांच करने की अनुमति दी।
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टीम बल्लोखास स्थित गोदाम पहुंची, जहां चौकीदार इंद्रदेव निवासी बल्लोखास भी मौजूद था। विशाल और इंद्रदेव की मौजूदगी में ताला तोड़कर गोदाम की तलाशी ली गई। जांच में बड़ी मात्रा में नकली सामान बरामद हुए। इसमें टाटा साल्ट के एक किलो के 25 पैकेट वाली 68 तैयार बोरीयां, 53 तैयार पैकेट, 1,001 रैपर शामिल थे। टाटा टी प्रीमियम के पैकेजिंग रैपर के दो रोल (11.640 किग्रा और 9.460 किग्रा) मिले। फेवी क्विक के 8,317 नग, हार्पिक 250 मिली की 455 बोतलें, हार्पिक 500 मिली की 1,170 बोतलें और कोलिन एक लीटर की 23 बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने प्रत्येक आइटम से एक-एक नमूना अलग किया और बाकी सामान को बैगों में पैक कर सील कर दिया।

सुभाष शर्मा ने मिलान के लिए असली उत्पाद उपलब्ध कराए। इसमें टाटा साल्ट एक किग्रा, टाटा टी प्रीमियम, फेवी क्विक, हार्पिक 250 मिली, 500 मिली और कोलिन एक लीटर शामिल थे। छापे के दौरान दौरान योगेंद्र जायसवाल पहले से फरार थे, जबकि विशाल भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकला। पुलिस ने सामान जब्त कर लिया और एनसीआरबी आईआईएफ-एक फॉर्म भरकर प्रक्रिया पूरी की। सूत्रों की मानें तो ऐसे गोदाम ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे रहते हैं जहां निगरानी कम होती है।
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