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Maharajganj News: भवन बन गया पर रास्ता नहीं, स्कूल में चल रहा आंगनबड़ी केंद्र
Sun, 05 Feb 2023 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 05 Feb 2023 11:49 PM IST
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बिरैचा गांव में सरकारी धन खर्च कर बना आंगनबाड़ी केंद्र का भवन
महराजगंज/घुघली। क्षेत्र के बिरैचा गांव में सरकारी धन खर्च कर आंगनबाड़ी केंद्र का भवन तो बना दिया गया, लेकिन भवन तक पहुंचने के लिए अधिकारी रास्ता नहीं बनवा सके। इससे 15.40 लाख की लागत से बना भवन निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है।रास्ता न होने से अपना भवन होते हुए भी आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सरकारी विद्यालय में किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, घुघली ब्लॉक के बिरैचा गांव में आठ साल पहले आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया। लाखों खर्च कर भवन बनाकर छोड़ दिया गया। बिरैचा गांव के सेमरहना व नौका टोले का एक ही स्थान पर वर्ष 2015-16 में 15.40 लाख खर्च कर दो आंगनबाड़ी केंद्र बनवाया गया था। सरकारी रकम तो खर्च हो गई, लेकिन इसका लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है। क्योंकि केंद्र पर पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं है। वर्तमान में केंद्र के सामने जलभराव है। आसपास घास उगी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीता देवी ने बताया कि 40-45 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ाया जाता है। रास्ता नहीं होने से आंगनबाड़ी भवन में केंद्र संचालित नहीं होता है। सतीश साहनी एवं जयप्रकाश मोदनवाल ने बताया कि बगैर रास्ता देखे ही भवन बनवाकर सरकार धन जैसे तैसे खर्च कर दिया गया।
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केंद्र पर जाने का रास्ता नहीं है। दो टोले का केंद्र एक ही स्थान पर बना दिया गया है। उस समय अधिकारियों ने ध्यान दिया होता तो यह समस्या नहीं होती। रास्ता निकालने का कोई विकल्प नहीं दिख रहा है।
- बृजेश यादव, ग्राम प्रधान, बिरैचा
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जानकारी के अनुसार, घुघली ब्लॉक के बिरैचा गांव में आठ साल पहले आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया। लाखों खर्च कर भवन बनाकर छोड़ दिया गया। बिरैचा गांव के सेमरहना व नौका टोले का एक ही स्थान पर वर्ष 2015-16 में 15.40 लाख खर्च कर दो आंगनबाड़ी केंद्र बनवाया गया था। सरकारी रकम तो खर्च हो गई, लेकिन इसका लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है। क्योंकि केंद्र पर पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं है। वर्तमान में केंद्र के सामने जलभराव है। आसपास घास उगी है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीता देवी ने बताया कि 40-45 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ाया जाता है। रास्ता नहीं होने से आंगनबाड़ी भवन में केंद्र संचालित नहीं होता है। सतीश साहनी एवं जयप्रकाश मोदनवाल ने बताया कि बगैर रास्ता देखे ही भवन बनवाकर सरकार धन जैसे तैसे खर्च कर दिया गया।
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केंद्र पर जाने का रास्ता नहीं है। दो टोले का केंद्र एक ही स्थान पर बना दिया गया है। उस समय अधिकारियों ने ध्यान दिया होता तो यह समस्या नहीं होती। रास्ता निकालने का कोई विकल्प नहीं दिख रहा है।
- बृजेश यादव, ग्राम प्रधान, बिरैचा