फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Breathlessness is becoming difficult in the increasing cold, and the chest is aching due to mucus accumulation.

Maharajganj News: बढ़ती ठंड में फूल रही सांस, बलगम जमने से दर्द कर रहा सीना

Sat, 13 Dec 2025 01:59 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:59 AM IST
विज्ञापन
Breathlessness is becoming difficult in the increasing cold, and the chest is aching due to mucus accumulation.
जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 36 बीमार, 10 खांसी से जूझते हुए बने सांस रोगी
विज्ञापन

537 रोगियों का जिला अस्पताल में शुक्रवार को हुआ उपचार
महराजगंज। ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। साथ ही सांस फूलने और सीने में बलगम जमने वाले मरीज भी चिह्नित किए जा रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस से जुड़ी समस्या के 36 रोगी पहुंचे। इनमें 10 रोगी ऐसे थे जो लगभग एक पखवाड़े से खांसी से परेशान थे। अब इन्हें सांस से जुड़ी समस्या ने घेर लिया है। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा एवं एहतियात बरतने का परामर्श दिया।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 537 रोगियों का उपचार हुआ। सर्वाधिक रोगी सर्दी, जुकाम, फ्लू, बुखार के बाद सांस के रहे। ऐसे रोगी भी पहुंचे जो लंबी खांसी झेलकर सांस के रोगी बन चुके हैं। डाॅ. एवी त्रिपाठी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा व सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस समय तेज खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलने के मामले बढ़ रहे हैं। सर्दी में थोड़ी सी अनदेखी का असर सेहत पर पड़ रहा है। सर्द हवा नाक से होकर शरीर के भीतर पहुंचती है तो सबसे पहले अस्थमा के पुराने मरीजों की दिक्कत बढ़ती है। अस्थमा रोगियों को सांस लेने में घरघराहट होती है। साथ ही सर्द व शुष्क हवा शरीर के श्वसन नली को सिकोड़ देती है। इससे श्वसन नली में सूजन व जलन के साथ बलगम बढ़ जाता है तो वह सांस लेने में असुविधा उत्पन्न करते हैं। रोगियों को दवा देने के साथ ही यह जरूर बताया जा रहा है कि सर्द व शुष्क हवाओं से बचाव करें।
विज्ञापन

------------
अस्पताल में समुचित इंतजाम
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके द्विवेदी ने बताया कि जिला अस्पताल में सांस के रोगियों के लिए लगभग सभी प्रकार के इंतजाम हैं। छोटे बच्चों के लिए नेबुलाइजर की व्यवस्था भी उपलब्ध है। चिकित्सा संसाधन की उपलब्धता से पहले यह जानना जरूरी होता कि समस्या कैसी और क्यों बढ़ी। सांस रोग ब्रोंकोस्पाज्म, धूल, फंगस जैसे कारकों से भी होते हैं। बीपी भी श्वसन रोग बढ़ाने में सहायक है। इसलिए सांस के रोगियों को उपचार के पहले जांच की सलाह दी जाती है जिसके कारण लक्षणों के आधार पर उपचार प्रभावी हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे रखें बचाव
- ऊनी कपड़े पहने और शरीर को ढककर रखें, ऊनी टोपी पहने।
- सुबह टहलने के दौरान मास्क का प्रयोग करें। सुबह और शाम व्यायाम जरूर करें।
- सीने में बायीं ओर होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें। बिना चिकित्सक सलाह के दवा का उपयोग न करें।
- चिकनाई युक्त भोजन का सेवन न करें। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
- सर्दियों में पर्याप्त धूप लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed