फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   books rate increased

Maharajganj News: बच्चों को पढ़ाना है तो किताब ही नहीं ड्रेस भी सेटिंग वाली दुकान से खरीदिए

Sun, 30 Apr 2023 12:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Apr 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
books rate increased
कापी किताब की दुकान से खरीदारी करते लोग।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

महराजगंज। निजी स्कूल में बच्चों का दाखिला शुरू है। ज्यादातर स्कूलों में दाखिला पूरा हो चुका है। इसमें खेल यह है कि बच्चों को सेटिंग वाली दुकान से किताब कॉपी के साथ ही ड्रेस खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है। निजी स्कूल संचालक और विक्रेता दोनों का कमीशन रहता है। जबकि अभिभावकों की जेब ढीली हो जा रही है।
दाखिला कराने के दौरान तीन माह की फीस के साथ ही मोटी रकम देकर किताबें व ड्रेस अभिभावकों को खरीदनी पड़ रही है। स्कूलों ने अलग-अलग प्रकार की किताबें तय कर रखी हैं। कुछ स्कूल तो आज भी चोरी छिपे स्कूल में ही ड्रेस, किताब बेचते हैं। इस पर सख्ती बरतने के बाद स्कूलों में यह बंद कर दिया गया, लेकिन इसमें नया खेल शुरू हो गया है।
विज्ञापन

स्कूल प्रशासन की बताई गई दुकान पर ही संबंधित पुस्तक और ड्रेस मिलेगी। बाजार में कहीं ढूंढ़ने पर यह किताबें नहीं मिलेंगी। नामांकन के दौरान स्कूलों की ओर से जो लिस्ट मिलती है, वह एक विशेष पब्लिकेशन वाली किताबों की होती है। शहर की गिनी चुनी दुकानों पर पुस्तक मिलती है। इस खेल में मोटी रकम का वारा न्यारा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि किताब, काॅपी व ड्रेस की एवज में 50 से 60 प्रतिशत कमीशन तय रहता है। बिक्री के बाद स्कूल संचालक को हिस्सा पहुंच जाता है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में नर्सरी कक्षा की सूची में किताब काॅपी पर अभिभावक को कम से कम 2600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बारहवीं कक्षा तक आते ही करीब तेरह से चौदह हजार रकम खर्च करनी पड़ रही है। पुस्तकों के बढ़ते दामों से अभिभावकों की जेब ढीली हो रही है।
---------------------
अब तो बड़े भाई की किताब छोटा भाई नहीं पढ़ पाएगा
पुस्तक बिक्री के इस खेल में अभिभावकों की मुश्किल बढ़ गई है। गुजरे वक्त किताबें बदलती नहीं थी, लेकिन लाभ कमाने के चक्कर में किताबें बदल दी जाती हैं। ऐसे में अगर दो भाई किसी स्कूल में पढ़ रहे हैं तो बड़े भाई की किताब छोटे भाई के काम नहीं आएगी। क्योंकि, जब छोटा भाई पुस्तक प्रयोग करने योग्य होगा तो वह बदल जाएगी।
-----------------
हर साल दामों में होती बढ़ोतरी
निजी पब्लिकेशन की किताबों के दामों में हर साल बढ़ोतरी होती है। कई किताबें तो ऐसी मिलती हैं, जिन पर नए रेट का स्टीकर लगा होता है। हर साल करीब 30 से 40 फीसदी दाम की बढ़ोतरी हो जाती है। कक्षा नौ की चर्चित पब्लिकेशन की विज्ञान की पुस्तक पिछले साल 499 में बिक रही थी, तो वर्तमान सत्र में इसकी कीमत 649 हो गई है। गणित की पुस्तक का मूल्य भी इसी तरह से 435 से बढ़कर 695 हो चुका है। लगभग हर पुस्तकों का मूल्य इसी तरह से बढ़ गया है।
------------------
इस खेल पर नहीं लग पा रहा अंकुश
पुस्तक ड्रेस में मनमानी मूल्य वसूली पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। अधिकारी भी शिकायत नहीं मिलने की बात कर पल्ला झाड़ लेते हैं। सख्ती नहीं होने से अभिभावकों की जेब ढीली हो जा रही है।

------------------
फोटो
सिविल लाइन मोहल्ले के अभिषेक कहते हैं कि मेरा एक बेटा कक्षा-1 में है। दूसरा यूकेजी में। किताब काॅपी व ड्रेस का सेट महंगा होने के कारण परेशानी हुई। बाहर से काॅपी खरीद ली तो स्कूल से उसे बदलवाने का दबाव बनाया जाने लगा। स्कूल की जहां सेटिंग है, उसी दुकान पर ही पुस्तक मिलेगी। दूसरी जगह मिलने की संभावना नहीं रहती है। आज कल बच्चों को पढ़ाना है तो स्कूल प्रशासन की मर्जी से ही किताब, कॉपी, ड्रेस खरीदनी पड़ेगी।
-----------------------
किताब-कॉपियों के सेट का दाम
नर्सरी--2400 से 3900
एलकेजी--2700 से 4400
कक्ष एक--4800 से 7200
कक्षा दो 3000 से 7000
कक्षा तीन 3400 से 6800
कक्षा चार--3500 से 6900
कक्षा पांच -4000 से 7800
कक्षा छह -4500 से 8000
कक्षा सात-5300 से 8700
कक्षा आठ-6000 से 9000
कक्षा नौ-3500 से 7000
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed