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Maharajganj News: फाइलेरिया मरीज की पहचान के लिए हर ब्लॉक से लिया जाएगा ब्लड सैंपल
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- जिले में 7200 लोगों का सैंपल लेने का है लक्ष्य, पिछले वर्ष लिए गए थे 4041 लोगों के खून के नमूने
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इस साल नाइट ब्लड सर्वे अभियान शहरी क्षेत्र के साथ ही जिले के सभी ब्लॉक में भी चलाया जाएगा। फाइलेरिया के नए मरीजों की पहचान के लिए कुल 7200 लोगों के खून के सैंपल लिए जाएंगे। ब्लॉक की पैथॉलोजी में इसकी जांच की जाएगी। जांच में जो मरीज सामने आएंगे उन्हें पंजीकृत कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रभावित परिवारों को फाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया जाएगा। प्री एमडीए के तहत नाइट ब्लड सर्वे कराने की योजना है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर सभागार में नाइट ब्लड सर्वे में लगे कर्मियों को इस संबंध में मंगलवार को प्रशिक्षित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नीना वर्मा ने बताया कि इस साल सभी 12 ब्लॉक को नाइट ब्लड सर्वे में शामिल किया गया है, जबकि इससे पूर्व चुनिंदा ब्लॉक व शहर के मुहल्लों को ही लिया जाता रहा है। शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार इस बार सभी ब्लॉक के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में नाइट ब्लड सर्वे अभियान संचालित किया जाएगा। हर ब्लॉक व शहर में एक जगह रैंडम व एक सेंटीनल (जहां पूर्व में केस निकल चुके हैं) चिन्हित किया जाएगा। हर साइट से कम से कम 300 लोगों के सैंपल लिए जाने हैं।
प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डाॅ.राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया रोग की रोकथाम के लिए हर साल सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान संचालित किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभियान रात आठ बजे से 12 बजे तक चलाना है। एक दिन पूर्व गांव में जाकर आशा कार्यकर्ता की मदद से लोगों को जागरूक करें। यह भी बताया कि नाइट ब्लड सर्वे कार्य के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशिक्षण में बताया गया है कि ब्लड सैंपलिंग के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि उंगली को दबाकर ब्लड न निकाला जाए। उंगली से टपकने वाले ब्लड को ही स्लाइड पर लिया जाए। 20 साल व उससे अधिक उम्र वालों की सैंपलिंग होनी है। सैंपलिंग का कार्य 19 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरा कर लेना है।
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पिछले साल 4041 लोगों के खून के लिए गए थे नमूने
पिछले वर्ष प्री एमडीए के तहत चलाए गए नाइट ब्लड सर्वे अभियान में कुल 4041 लोगों के खून के सैंपल लेकर जांच कराई गई थी। फाइलेरिया का कोई केस नहीं मिला था। इस बार के अभियान में नाइट ब्लड सर्वे का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इस साल नाइट ब्लड सर्वे अभियान शहरी क्षेत्र के साथ ही जिले के सभी ब्लॉक में भी चलाया जाएगा। फाइलेरिया के नए मरीजों की पहचान के लिए कुल 7200 लोगों के खून के सैंपल लिए जाएंगे। ब्लॉक की पैथॉलोजी में इसकी जांच की जाएगी। जांच में जो मरीज सामने आएंगे उन्हें पंजीकृत कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रभावित परिवारों को फाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया जाएगा। प्री एमडीए के तहत नाइट ब्लड सर्वे कराने की योजना है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर सभागार में नाइट ब्लड सर्वे में लगे कर्मियों को इस संबंध में मंगलवार को प्रशिक्षित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नीना वर्मा ने बताया कि इस साल सभी 12 ब्लॉक को नाइट ब्लड सर्वे में शामिल किया गया है, जबकि इससे पूर्व चुनिंदा ब्लॉक व शहर के मुहल्लों को ही लिया जाता रहा है। शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार इस बार सभी ब्लॉक के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में नाइट ब्लड सर्वे अभियान संचालित किया जाएगा। हर ब्लॉक व शहर में एक जगह रैंडम व एक सेंटीनल (जहां पूर्व में केस निकल चुके हैं) चिन्हित किया जाएगा। हर साइट से कम से कम 300 लोगों के सैंपल लिए जाने हैं।
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प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डाॅ.राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया रोग की रोकथाम के लिए हर साल सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान संचालित किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभियान रात आठ बजे से 12 बजे तक चलाना है। एक दिन पूर्व गांव में जाकर आशा कार्यकर्ता की मदद से लोगों को जागरूक करें। यह भी बताया कि नाइट ब्लड सर्वे कार्य के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशिक्षण में बताया गया है कि ब्लड सैंपलिंग के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि उंगली को दबाकर ब्लड न निकाला जाए। उंगली से टपकने वाले ब्लड को ही स्लाइड पर लिया जाए। 20 साल व उससे अधिक उम्र वालों की सैंपलिंग होनी है। सैंपलिंग का कार्य 19 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरा कर लेना है।
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पिछले साल 4041 लोगों के खून के लिए गए थे नमूने
पिछले वर्ष प्री एमडीए के तहत चलाए गए नाइट ब्लड सर्वे अभियान में कुल 4041 लोगों के खून के सैंपल लेकर जांच कराई गई थी। फाइलेरिया का कोई केस नहीं मिला था। इस बार के अभियान में नाइट ब्लड सर्वे का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।