फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Blood component separation unit launched, alleviating the problems of the needy

Maharajganj News: ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का शुभारंभ, जरूरतमंदों की मुश्किल दूर

Tue, 11 Jun 2024 04:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 11 Jun 2024 04:54 PM IST
विज्ञापन
Blood component separation unit launched, alleviating the problems of the needy
महराजगंज। जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (बीसीएसयू) का मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने शुभारंभ किया। उन्होंने सभी मशीनों को देखा और जरूरी दिशा निर्देश दिया। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में ब्लड की एक यूनिट को चार अलग-अलग पार्ट में बांटा जा सकेगा। इसके बाद जरूरतमंदों को ब्लड के जरूरी तत्व ही दिए जाएंगे। शुभारंभ के दौरान जिला संयुक्त चिकित्सालय में तैनात एलटी देवेश पांडेय और बलवंत चौधरी ने रक्तदान किया।
विज्ञापन

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में अब तक एक यूनिट का लाभ एक मरीज को ही मिलता है, लेकिन नई व्यवस्था के बाद एक यूनिट ब्लड को चार भाग में अलग-अलग बनाया जाएगा। इसके बाद एक यूनिट ब्लड का लाभ जरूरत के अनुसार चार मरीजों को मिलेगा।
विज्ञापन

सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 900 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 10 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट संचालित होने से जरूरतमंदों को ब्लड के जरूरी तत्व ही दिए जाएंगे। जिले में डेंगू, मलेरिया, आग से जलने, घायल आदि के पीड़ितों के मामले आते हैं। इन पीड़ितों को ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन कई को ब्लड के सहयोगी तत्व चढ़ाने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि ब्लडबैंक में ब्लड से तत्व अलग-अलग करने की सुविधा पहले नहीं होने से दिक्कतें आती थीं, लेकिन ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट संचालित होने से समस्या दूर हो गई है। उन्होंने सभी कर्मियों को ठीक ढंग से कार्य करने की नसीहत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन



एक यूनिट रक्त तीन से चार लोगों की पूरी कर सकती है जरूरत
ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड की परत दर परत को अलग किया जाता है। इसके बाद आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed