{"_id":"614237608ebc3eb7cf496e0e","slug":"bed-increase-necesory-in-etc-and-je-aes-ward-maharajganj-news-gkp4093476157","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईटीसी और जेई एईएस वार्ड में बेड की सुविधा बढ़ाने की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईटीसी और जेई एईएस वार्ड में बेड की सुविधा बढ़ाने की दरकार
विज्ञापन
ईटीसी और जेई एईएस वार्ड में बेड बढ़ाने की दरकार
महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव दिनों दिन बढ़ रहा है। बेड की कमी के कारण ईटीसी और एईएस वार्ड में मरीजों को दिक्कत हो रही है। अगर इस वार्ड में बेड़ की संख्या बढ़ा दी जाए तो मरीजों को राहत मिलेगी। लेकिन जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नहीं है।
बुधवार को ईटीसी और जेई एईएस वार्ड को मिलाकर 15 बेड पर कुल 28 मरीज भर्ती हैं। जिनका उपचार हो रहा है। इस वार्ड में भर्ती एक मरीज की स्थित देखने निचलौल क्षेत्र से आए दुष्यंत ने कहा कि वार्ड में इतनी भीड़ है कि परेशानी हो रही है। एक तो बच्चों की बीमारी दूसरे भीड़ बढ़ जा रही है। वार्ड के सभी बेड पर दो- दो मरीजों को भर्ती किया गया है। इससे तीमारदारों को भी दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस वार्ड में बेड की संख्या बढ़ा दी जाए तो परेशानी कम होगी। ईटीसी वार्ड में तेज बुखार के 9, एईएस दो और अन्य बीमारी के 17 मरीजों का उपचार चल रहा है। ईटीसी वार्ड में मरीजों के दवाब के कारण मरीजों के साथ तिमारदार भी परेशान हो रहे हैं। कई तीमारदार अपने मरीज को बाहर गैलरी में लेकर टहलते हैं।
इनका चल रहा इलाज
जेई एईएस वार्ड में एईएस के मरीज महक और अमृता का इलाज चल रहा है। वहीं इटीसी वार्ड में अर्पिता, अभिनव, शिवराज, सचिन, अरहान, अफरोज, हिमांशु, अशुतोष, मंजीत, अंशिका, कान्हां, आरव, अंश, सोनिका, दिपक, अनन्या, आयुष, श्रेयांश, मोहिनी, अभी, श्रृष्टी, जूनैद, मुश्कान, अंजली, परी, अनुराग, अव्यान आदि का इलाज हो रहा है।
विज्ञापन
बुखार के अलावा छोटे बच्चों में ज्यादातर निमोनिया है। मौसम के बदलाव को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चों को ठीक ढंग से देख रेख करें। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर चिकित्सक से दिखाएं।
डॉ. आरपी राय, बाल रोग विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। वर्तमान में ईटीसी और जेई एईएस वार्ड में कुल 28 मरीज भर्ती है। जिसमें तेज बुखार के 9, एईएस के दो व 17 अन्य बीमारी के मरीजों का उपचार चल रहा है। जो संसाधन है उसमें बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एके राय, सीएमएस
विज्ञापन
महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव दिनों दिन बढ़ रहा है। बेड की कमी के कारण ईटीसी और एईएस वार्ड में मरीजों को दिक्कत हो रही है। अगर इस वार्ड में बेड़ की संख्या बढ़ा दी जाए तो मरीजों को राहत मिलेगी। लेकिन जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नहीं है।
बुधवार को ईटीसी और जेई एईएस वार्ड को मिलाकर 15 बेड पर कुल 28 मरीज भर्ती हैं। जिनका उपचार हो रहा है। इस वार्ड में भर्ती एक मरीज की स्थित देखने निचलौल क्षेत्र से आए दुष्यंत ने कहा कि वार्ड में इतनी भीड़ है कि परेशानी हो रही है। एक तो बच्चों की बीमारी दूसरे भीड़ बढ़ जा रही है। वार्ड के सभी बेड पर दो- दो मरीजों को भर्ती किया गया है। इससे तीमारदारों को भी दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस वार्ड में बेड की संख्या बढ़ा दी जाए तो परेशानी कम होगी। ईटीसी वार्ड में तेज बुखार के 9, एईएस दो और अन्य बीमारी के 17 मरीजों का उपचार चल रहा है। ईटीसी वार्ड में मरीजों के दवाब के कारण मरीजों के साथ तिमारदार भी परेशान हो रहे हैं। कई तीमारदार अपने मरीज को बाहर गैलरी में लेकर टहलते हैं।
विज्ञापन
इनका चल रहा इलाज
जेई एईएस वार्ड में एईएस के मरीज महक और अमृता का इलाज चल रहा है। वहीं इटीसी वार्ड में अर्पिता, अभिनव, शिवराज, सचिन, अरहान, अफरोज, हिमांशु, अशुतोष, मंजीत, अंशिका, कान्हां, आरव, अंश, सोनिका, दिपक, अनन्या, आयुष, श्रेयांश, मोहिनी, अभी, श्रृष्टी, जूनैद, मुश्कान, अंजली, परी, अनुराग, अव्यान आदि का इलाज हो रहा है।
विज्ञापन
बुखार के अलावा छोटे बच्चों में ज्यादातर निमोनिया है। मौसम के बदलाव को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चों को ठीक ढंग से देख रेख करें। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर चिकित्सक से दिखाएं।
डॉ. आरपी राय, बाल रोग विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। वर्तमान में ईटीसी और जेई एईएस वार्ड में कुल 28 मरीज भर्ती है। जिसमें तेज बुखार के 9, एईएस के दो व 17 अन्य बीमारी के मरीजों का उपचार चल रहा है। जो संसाधन है उसमें बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एके राय, सीएमएस