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Maharajganj News: बीसी सखियां अब बनाएंगी आयुष्मान कार्ड
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जिले में वर्तमान में तैनात हैं 645 बीसी सखियां
बीसी सखियों को दी जा रही है पोर्टल, तकनीकी प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी
महराजगंज। ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने वाली बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी सखियों) की भूमिका अब और व्यापक हो गई है। शासन स्तर से जारी नए निर्देशों के तहत बीसी सखियां अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाएंगी।
जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान में 645 बीसी सखियां तैनात हैं, यह पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोगों को जन सेवा केंद्र, सरकारी अस्पताल या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता है। कई गांव दूर-दराज स्थित होने के कारण लोगों को समय, पैसा और जानकारी के अभाव में परेशानी उठानी पड़ती थी। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में पात्र परिवार आयुष्मान योजना से वंचित हो रहे हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन ने बीसी सखियों को आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बीसी सखियां अब गांव-गांव जाकर पात्र लाभार्थियों की पहचान करेंगी और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर उनका आयुष्मान कार्ड बनवाएंगी। उन्हें संबंधित पोर्टल, तकनीकी प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
वर्जन
जिले में बीसी सखियों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज होगी और शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सकेगा। साथ ही, इससे महिलाओं को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा। अधिकांश बीसी सखियां महिलाएं हैं और वे अपने ही गांव में रहकर यह कार्य कर रही हैं।
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-डॉ. नवनाथ प्रसाद, प्रभारी सीएमओ
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बीसी सखियों को दी जा रही है पोर्टल, तकनीकी प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी
महराजगंज। ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने वाली बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी सखियों) की भूमिका अब और व्यापक हो गई है। शासन स्तर से जारी नए निर्देशों के तहत बीसी सखियां अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाएंगी।
जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान में 645 बीसी सखियां तैनात हैं, यह पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोगों को जन सेवा केंद्र, सरकारी अस्पताल या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता है। कई गांव दूर-दराज स्थित होने के कारण लोगों को समय, पैसा और जानकारी के अभाव में परेशानी उठानी पड़ती थी। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में पात्र परिवार आयुष्मान योजना से वंचित हो रहे हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन ने बीसी सखियों को आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बीसी सखियां अब गांव-गांव जाकर पात्र लाभार्थियों की पहचान करेंगी और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर उनका आयुष्मान कार्ड बनवाएंगी। उन्हें संबंधित पोर्टल, तकनीकी प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
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जिले में बीसी सखियों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज होगी और शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सकेगा। साथ ही, इससे महिलाओं को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा। अधिकांश बीसी सखियां महिलाएं हैं और वे अपने ही गांव में रहकर यह कार्य कर रही हैं।
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-डॉ. नवनाथ प्रसाद, प्रभारी सीएमओ