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बहुजन क्रांति मोर्चा ने किया प्रदर्शन, प्रदेश सरकार को कोसा
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बहुजन क्रांति मोर्चा ने किया प्रदर्शन, प्रदेश सरकार को कोसा
महराजगंज। प्रदेश में गिरती कानून-व्यवस्था का आरोप लगाते हुए बहुजन क्रांति मोर्चा ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया तथा उसके बाद धरना देते हुए सरकार को कोसा। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की शह पर पुलिस की ओर से जहां निर्दोषों को फंसाया जा रहा है, वहीं वास्तविक दोषियों पर हाथ नहीं डाला जा रहा है।
मोर्चा के जिला संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो गया है। एक तरफ जहां पुलिस निर्दोषों को प्रताड़ित करने में जुटी है, वहीं वास्तविक अपराधियों पर हाथ डालने से कतरा रही है। हाथरस में हुई घटना ने सरकार के साथ-साथ पुलिस के क्रूर चेहरे को सामने लाने का कार्य किया है। बलरामपुर, बुलंदशहर, आजमगढ़ व भदोही आदि जिलों में भी दुष्कर्म के बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था की हकीकत को बताया है। विभिन्न जिलों में किसानों के ऊपर दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस लिया जाए।
उन्होंने कहा कि हाथरस की घटना में पीड़ित परिवारों को सुुरक्षा मुहैया कराया जाए व एक करोड़ की आर्थिक सहायता देते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। इस दौरान शैलेंद्र भाष्कर, रामवृक्ष शर्मा, वकील प्रजापति, सुनील कुमार, वसी अहमद, सूरज, विपुल, बुद्ध प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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महराजगंज। प्रदेश में गिरती कानून-व्यवस्था का आरोप लगाते हुए बहुजन क्रांति मोर्चा ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया तथा उसके बाद धरना देते हुए सरकार को कोसा। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की शह पर पुलिस की ओर से जहां निर्दोषों को फंसाया जा रहा है, वहीं वास्तविक दोषियों पर हाथ नहीं डाला जा रहा है।
मोर्चा के जिला संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो गया है। एक तरफ जहां पुलिस निर्दोषों को प्रताड़ित करने में जुटी है, वहीं वास्तविक अपराधियों पर हाथ डालने से कतरा रही है। हाथरस में हुई घटना ने सरकार के साथ-साथ पुलिस के क्रूर चेहरे को सामने लाने का कार्य किया है। बलरामपुर, बुलंदशहर, आजमगढ़ व भदोही आदि जिलों में भी दुष्कर्म के बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था की हकीकत को बताया है। विभिन्न जिलों में किसानों के ऊपर दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस लिया जाए।
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उन्होंने कहा कि हाथरस की घटना में पीड़ित परिवारों को सुुरक्षा मुहैया कराया जाए व एक करोड़ की आर्थिक सहायता देते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। इस दौरान शैलेंद्र भाष्कर, रामवृक्ष शर्मा, वकील प्रजापति, सुनील कुमार, वसी अहमद, सूरज, विपुल, बुद्ध प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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