{"_id":"64ea5aa7ef22a051d2027184","slug":"bad-pepper-color-in-lentils-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-4577-2023-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: काली मिर्च खराब, मसूर के दाल में रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: काली मिर्च खराब, मसूर के दाल में रंग
विज्ञापन
खाद्य पदार्थों के 198 नमूनों में 61 फेल, अद्योमानक मिलने पर दुकानदार को चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। काली मिर्च खराब मिली। मसूर के दाल में रंग मिला। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में यह गड़बड़ी मिली है। चार दिन की जांच में खाद्य पदार्थों के 198 नमूनों में 61 फेल हो गए। फूड सेफ्टी आन ह्वील की जांच में इसकी जानकारी मिली है। मशाला बिक्री करने वाले दुकानदार के खिलाफ वाद दाखिल करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। काली मिर्च बिक्री करने वाले दुकानदार को अधिकारियों ने चेतावनी दी।
जिले में फूड सेफ्टी ऑन ह्वील गाड़ी जगह-जगह भ्रमण की। विभाग के अधिकारियों की टीम भी जांच वाहन के साथ रही। इस दौरान विभिन्न दुकानों से खाद्य सामग्रियों के नमूने इकट्ठा किए गए। इसमें काफी मात्रा में नमूने फेल हो गए। छेने की मिठाई में स्टार्च मिला। मसूर की दाल में रंग, सब्जी पर केमिकल का असर पाया गया। काली मिर्च में भी मिलावट पायी गई।काली मिर्च बेहद खराब मिलने पर और छेने की मिठाई में स्टार्च मिलने पर मिठाई को अधोमानक घोषित करते हुए दुकानदार को चेतावनी दी गई।
फूड सेफ्टी आन ह्वील की ओर से जिले में घुघली, चौक बाजार, फरेंदा, मिठौरा, निचलौल व महराजगंज शहर में जांच की गई। थोक मंडी से सब्जी का नमूना लिया गया। फूल गोभी, पत्ता गोभी, परवल, बैंगन में रसायन व रंग की जांच के लिए प्रयोगशाला में नमूना भेजा गया। मशाला की जांच रिपोर्ट सेहत के लिए नुकसानदायक आने पर वाद दाखिल करने की स्वीकृति के लिए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को फाइल भेजी गई है। मशाला का नमूना नौतनवा कस्बे से लिया गया था।
विज्ञापन
सदर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि प्रत्येक माह जांच वाहन से खाद्य पदार्थों का नमूना लेकर उनकी जांच की जाती है। इसमें रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है, इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। सामान्य तौर कोई भी व्यक्ति अपने घर से खाद्य पदार्थों को लाकर जांच करा सकता है। एक पांच दिन यह वैन जिले में आती है। जिले के अलग-अलग स्थानों पर भ्रमण करती है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि दुकानदारों को गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ बिक्री करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जांच में जहां गड़बड़ी मिली है, उनको पहली बार चेतावनी दी गई है। अगर इसके बाद सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। काली मिर्च खराब मिली। मसूर के दाल में रंग मिला। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में यह गड़बड़ी मिली है। चार दिन की जांच में खाद्य पदार्थों के 198 नमूनों में 61 फेल हो गए। फूड सेफ्टी आन ह्वील की जांच में इसकी जानकारी मिली है। मशाला बिक्री करने वाले दुकानदार के खिलाफ वाद दाखिल करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। काली मिर्च बिक्री करने वाले दुकानदार को अधिकारियों ने चेतावनी दी।
जिले में फूड सेफ्टी ऑन ह्वील गाड़ी जगह-जगह भ्रमण की। विभाग के अधिकारियों की टीम भी जांच वाहन के साथ रही। इस दौरान विभिन्न दुकानों से खाद्य सामग्रियों के नमूने इकट्ठा किए गए। इसमें काफी मात्रा में नमूने फेल हो गए। छेने की मिठाई में स्टार्च मिला। मसूर की दाल में रंग, सब्जी पर केमिकल का असर पाया गया। काली मिर्च में भी मिलावट पायी गई।काली मिर्च बेहद खराब मिलने पर और छेने की मिठाई में स्टार्च मिलने पर मिठाई को अधोमानक घोषित करते हुए दुकानदार को चेतावनी दी गई।
विज्ञापन
फूड सेफ्टी आन ह्वील की ओर से जिले में घुघली, चौक बाजार, फरेंदा, मिठौरा, निचलौल व महराजगंज शहर में जांच की गई। थोक मंडी से सब्जी का नमूना लिया गया। फूल गोभी, पत्ता गोभी, परवल, बैंगन में रसायन व रंग की जांच के लिए प्रयोगशाला में नमूना भेजा गया। मशाला की जांच रिपोर्ट सेहत के लिए नुकसानदायक आने पर वाद दाखिल करने की स्वीकृति के लिए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को फाइल भेजी गई है। मशाला का नमूना नौतनवा कस्बे से लिया गया था।
विज्ञापन
सदर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि प्रत्येक माह जांच वाहन से खाद्य पदार्थों का नमूना लेकर उनकी जांच की जाती है। इसमें रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है, इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। सामान्य तौर कोई भी व्यक्ति अपने घर से खाद्य पदार्थों को लाकर जांच करा सकता है। एक पांच दिन यह वैन जिले में आती है। जिले के अलग-अलग स्थानों पर भ्रमण करती है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि दुकानदारों को गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ बिक्री करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जांच में जहां गड़बड़ी मिली है, उनको पहली बार चेतावनी दी गई है। अगर इसके बाद सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।