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अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की सेवा समाप्त
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अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की सेवा समाप्त
बिना काम कराए मरेगा से भुगतान कराने का मामला गरमाया
महराजगंज। परतावल ब्लॉक में बिना काम किए मनरेगा से भुगतान का मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपियों की मुश्किल बढ़ गई है। प्रशासन के बाद अब वन विभाग ने भी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। विभागीय कार्रवाई की भी कवायद चल रही है। उधर, डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने परतावल ब्लॉक के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विनय कुमार मौर्य सेवा समाप्त कर दी है। वह मनरेगा में फर्जीवाड़ा के मामले के आरोपित हैं।
मनरेगा योजना के तहत परतावल ब्लॉक के बरियरवा गांव में पोखरी के सुंदरीकरण के नाम पर 25 लाख 87 हजार 820 रुपये का फर्जी भुगतान कराने का मामला सामने आया है। वास्तविक में वहां कोई कार्य हुआ ही नहीं है। मामला प्रकाश में आने के बाद शुक्रवार को बीडीओ ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया, वहीं पकड़ी के एसडीओ ने भी विभाग के तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद विकास व वन विभाग अपने स्तर से विभागीय कार्रवाई में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि जल्द ही आरोपितों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई भी होगी। डीएफओ पुष्प कुमार के ने बताया कि जिन विभागीय लोगों का नाम मामले में आया है, उनके विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है। तीनों कर्मियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी। सीडीओ गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि फर्जी भुगतान मामले में मनरेगा से जुड़े कर्मियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होगी।
सोहगीबरवा प्रभाग की आईडी, गोरखपुर प्रभाग में काम
फर्जीवाड़ा करने वाले शातिरों ने न सिर्फ धन का गबन किया, बल्कि चालाकी भी दिखाई। परतावल ब्लॉक के जिस स्थल पर कार्य के नाम पर भुगतान की बात कही जा रही है वह गोरखपुर वन प्रभाग में है। जबकि उसके भुगतान के लिए सोहगीबरवा के वन विभाग की आईडी का प्रयोग किसर गया। आईडी का प्रयोग कब, किसने व कैसे किया यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा।
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क्या है मामला
परतावल ब्लॉक के बरियरवा गांव में वर्ष 2018-19 में मनरेगा के तहत पोखरी का सुंदरीकरण कराया जाना स्वीकृत किया गया। गांव के विवाद में काम फंस गया। इसके बाद एपीओ, ठेकेदार और वन विभाग के कर्मचारियों पर मिलकर गलत तरीके से भुगतान कराने की बात सामने आई। मामले के सामने आने के बाद विकास व वन विभाग दोनों में खलबली मची हुई है।
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बिना काम कराए मरेगा से भुगतान कराने का मामला गरमाया
महराजगंज। परतावल ब्लॉक में बिना काम किए मनरेगा से भुगतान का मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपियों की मुश्किल बढ़ गई है। प्रशासन के बाद अब वन विभाग ने भी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। विभागीय कार्रवाई की भी कवायद चल रही है। उधर, डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने परतावल ब्लॉक के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विनय कुमार मौर्य सेवा समाप्त कर दी है। वह मनरेगा में फर्जीवाड़ा के मामले के आरोपित हैं।
मनरेगा योजना के तहत परतावल ब्लॉक के बरियरवा गांव में पोखरी के सुंदरीकरण के नाम पर 25 लाख 87 हजार 820 रुपये का फर्जी भुगतान कराने का मामला सामने आया है। वास्तविक में वहां कोई कार्य हुआ ही नहीं है। मामला प्रकाश में आने के बाद शुक्रवार को बीडीओ ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया, वहीं पकड़ी के एसडीओ ने भी विभाग के तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद विकास व वन विभाग अपने स्तर से विभागीय कार्रवाई में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि जल्द ही आरोपितों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई भी होगी। डीएफओ पुष्प कुमार के ने बताया कि जिन विभागीय लोगों का नाम मामले में आया है, उनके विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है। तीनों कर्मियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी। सीडीओ गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि फर्जी भुगतान मामले में मनरेगा से जुड़े कर्मियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होगी।
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सोहगीबरवा प्रभाग की आईडी, गोरखपुर प्रभाग में काम
फर्जीवाड़ा करने वाले शातिरों ने न सिर्फ धन का गबन किया, बल्कि चालाकी भी दिखाई। परतावल ब्लॉक के जिस स्थल पर कार्य के नाम पर भुगतान की बात कही जा रही है वह गोरखपुर वन प्रभाग में है। जबकि उसके भुगतान के लिए सोहगीबरवा के वन विभाग की आईडी का प्रयोग किसर गया। आईडी का प्रयोग कब, किसने व कैसे किया यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा।
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क्या है मामला
परतावल ब्लॉक के बरियरवा गांव में वर्ष 2018-19 में मनरेगा के तहत पोखरी का सुंदरीकरण कराया जाना स्वीकृत किया गया। गांव के विवाद में काम फंस गया। इसके बाद एपीओ, ठेकेदार और वन विभाग के कर्मचारियों पर मिलकर गलत तरीके से भुगतान कराने की बात सामने आई। मामले के सामने आने के बाद विकास व वन विभाग दोनों में खलबली मची हुई है।