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Maharajganj News: सहजनवा बाबू और कन्हैया बाबा का स्थान पुरातत्व विभाग करेगा संरक्षित
Thu, 05 Sep 2024 04:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 05 Sep 2024 04:27 AM IST
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लक्ष्मीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने जिलाधिकारी महराजगंज को पत्र देकर बृजमनगंज के सहजनवा बाबू और चौक बाजार के कन्हैया स्थान के अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस दोनों स्थलों पर प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक होने की संभावना देखते हुए विभाग संरक्षित करेगा।
शासन के निर्देश पर उप्र राज्य पुरातत्व विभाग की डायरेक्टर रेनू द्विवेदी की ओर से जिलाधिकारी को भेजे पत्र के मुताबिक जनपद महराजगंज तहसील सदर स्थित कन्हैया बाबा का स्थान एवं बृजमनगंज के सहजनवा बाबू के टीले को उप्र राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया जाना है। इन स्थलों के स्मारक से संबंधित खसरा खतौनी, नजरी नक्शा, राजस्व नक्शा, प्रस्तावित भूमि की सीमाओं की गाटा से संबंधित संख्या (चौहद्दी) एवं रकबा आदि अभिलेखों को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जा सके। निदेशक के राम विनय प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, गोरखपुर को भी निर्देशित किया है कि मौके का भौतिक सत्यापन करके अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा है कि जिलाधिकारी से व्यक्तिगत संपर्क कर संबंधित अभिलेखों को प्राप्त कर के विभागीय कार्रवाई शुरू करें।
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सहजनवा बाबू में है बौद्ध कालीन ऐतिहासिक स्तूप
बौद्ध स्थलों के विकास की वर्षों से मांग कर रहे देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि रामग्राम, देवदह के अलावा महराजगंज की भूमि पर अनेक स्थलों पर बौद्ध कालीन साम्राज्य रहा है। सहजनवा बाबू में हजारों वर्ष पुराना बौद्ध स्तूप है, जिसके विकास और जीर्णोद्धार के लिए वह केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी से मिलकर मांग किए थे। उनकी मांगों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। अब देवदह, रामग्राम के साथ ही साथ सहजनवा बाबू के टीले का भी विकास होना जरूरी है।
बृजमनगंज के सहजनवा बाबू में स्थित प्राचीन टीले और चौक बाजार के जंगल में स्थित कन्हैया बाबा स्थान की भूमि को विभाग संरक्षित करेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। शासन की मंशा है कि महराजगंज के प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा। ताकि इन स्थानों का विकास एवं जीर्णोद्धार किया जा सके।
-रामविनय, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी
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शासन के निर्देश पर उप्र राज्य पुरातत्व विभाग की डायरेक्टर रेनू द्विवेदी की ओर से जिलाधिकारी को भेजे पत्र के मुताबिक जनपद महराजगंज तहसील सदर स्थित कन्हैया बाबा का स्थान एवं बृजमनगंज के सहजनवा बाबू के टीले को उप्र राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया जाना है। इन स्थलों के स्मारक से संबंधित खसरा खतौनी, नजरी नक्शा, राजस्व नक्शा, प्रस्तावित भूमि की सीमाओं की गाटा से संबंधित संख्या (चौहद्दी) एवं रकबा आदि अभिलेखों को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
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ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जा सके। निदेशक के राम विनय प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, गोरखपुर को भी निर्देशित किया है कि मौके का भौतिक सत्यापन करके अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा है कि जिलाधिकारी से व्यक्तिगत संपर्क कर संबंधित अभिलेखों को प्राप्त कर के विभागीय कार्रवाई शुरू करें।
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सहजनवा बाबू में है बौद्ध कालीन ऐतिहासिक स्तूप
बौद्ध स्थलों के विकास की वर्षों से मांग कर रहे देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि रामग्राम, देवदह के अलावा महराजगंज की भूमि पर अनेक स्थलों पर बौद्ध कालीन साम्राज्य रहा है। सहजनवा बाबू में हजारों वर्ष पुराना बौद्ध स्तूप है, जिसके विकास और जीर्णोद्धार के लिए वह केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी से मिलकर मांग किए थे। उनकी मांगों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। अब देवदह, रामग्राम के साथ ही साथ सहजनवा बाबू के टीले का भी विकास होना जरूरी है।
बृजमनगंज के सहजनवा बाबू में स्थित प्राचीन टीले और चौक बाजार के जंगल में स्थित कन्हैया बाबा स्थान की भूमि को विभाग संरक्षित करेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। शासन की मंशा है कि महराजगंज के प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा। ताकि इन स्थानों का विकास एवं जीर्णोद्धार किया जा सके।
-रामविनय, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी