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Maharajganj News: छठ घाट को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने अवर अभियंता का किया घेराव
Sun, 03 Nov 2024 03:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 03 Nov 2024 03:47 AM IST
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धानी बाजार। राप्ती नदी के तट पर आगामी छठ पर्व और कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले को लेकर घाट का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को ग्राम प्रधान संजय साहनी के नेतृत्व में सिंचाई विभाग खंड द्वितीय कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने जेई राधेमोहन का घेराव करते हुए जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा। जेई ने त्योहार से पहले घाट निर्माण कराने के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने घेराव खत्म किया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा कानापार के धानी बाजार स्थित राप्ती नदी के तट पर लगभग सात माह पूर्व सिंचाई विभाग खंड द्वितीय के ठेकेदार ने बंधे पर बोल्डर-पिचिंग का कार्य कराया गया। इस काम के दौरान नदी के किनारे वर्षों से बने घाटों के अस्तित्व ही खत्म हो गया। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से लेकर जन-प्रतिनिधियों से लिखित शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी किनारे स्थित घाट पर सैकड़ों साल से पूजा-अर्चना के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेला व दंगल का आयोजन होता है। इससे क्षेत्र की एक धार्मिक पहचान है। लेकिन, भावनाओं के विपरीत सिंचाई विभाग ने प्राचीन घाटों का अस्तित्व खत्म करा दिया। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता, गोपाल सिंह, राहुल शर्मा, सोनू गुप्ता, जगरनाथ, जगदीश यादव, बिट्टू, विशाल कुमार, सुरेश कुमार, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा कानापार के धानी बाजार स्थित राप्ती नदी के तट पर लगभग सात माह पूर्व सिंचाई विभाग खंड द्वितीय के ठेकेदार ने बंधे पर बोल्डर-पिचिंग का कार्य कराया गया। इस काम के दौरान नदी के किनारे वर्षों से बने घाटों के अस्तित्व ही खत्म हो गया। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से लेकर जन-प्रतिनिधियों से लिखित शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी किनारे स्थित घाट पर सैकड़ों साल से पूजा-अर्चना के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेला व दंगल का आयोजन होता है। इससे क्षेत्र की एक धार्मिक पहचान है। लेकिन, भावनाओं के विपरीत सिंचाई विभाग ने प्राचीन घाटों का अस्तित्व खत्म करा दिया। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता, गोपाल सिंह, राहुल शर्मा, सोनू गुप्ता, जगरनाथ, जगदीश यादव, बिट्टू, विशाल कुमार, सुरेश कुमार, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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