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गोरखपुर में रसोई गैस संकट : शहर से गांवों तक हाहाकार...एजेंसियों पर लगी लंबी कतार- नौसड़ में हंगामा

Wed, 11 Mar 2026 02:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 11 Mar 2026 02:55 AM IST
सार

कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता भी बढ़ गई है। होटल संचालक ध्रुव श्रीवास्तव का कहना है कि यदि आपूर्ति और घटती है तो होटल संचालन प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। कई स्थानों पर सर्वर की समस्या से वितरण बाधित रहा, जबकि कुछ जगहों पर सिलिंडर खत्म हो गए।

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Amid conflict in West Asia, shortages exacerbate public hardship, leading to commotion in Nausad.
गैस लेने के लिए लंबी लाइन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच रसोई गैस की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गैस सिलिंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है। एजेंसियों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग जा रही हैं, जबकि बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलिंडर लेने के लिए गोदाम तक जाना पड़ रहा है।
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मंगलवार को नौसड़ स्थित एक गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने जमकर हंगामा किया। एजेंसी वालों ने बहुत मुश्किल से लोगों को संभाला।

सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर के इंतजार में लाइन में खड़े रहे। गैस की कमी के कारण शादी-विवाह वाले घरों में भी परेशानी बढ़ गई है। वहीं, गैस बुकिंग के लिए जारी मोबाइल नंबर भी कई बार घंटों तक बाधित रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, बाटलिंग प्लांट में सामान्य दिनों में दो शिफ्ट में करीब 50 हजार सिलिंडरों की रिफिलिंग होती है। इसके लिए लगभग 32 एलपीजी टैंकरों की जरूरत पड़ती है लेकिन फिलहाल गुजरात से 10 से 12 टैंकर ही पहुंच पा रहे हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
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Amid conflict in West Asia, shortages exacerbate public hardship, leading to commotion in Nausad.
गैस सिलिंडर की किल्लत को लेकर परेशान रहे लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता भी बढ़ गई है। होटल संचालक ध्रुव श्रीवास्तव का कहना है कि यदि आपूर्ति और घटती है तो होटल संचालन प्रभावित हो सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। कई स्थानों पर सर्वर की समस्या से वितरण बाधित रहा, जबकि कुछ जगहों पर सिलिंडर खत्म हो गए। उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी की शिकायतें भी की हैं। इस बीच जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि गैस या तेल की कमी नहीं है।
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उपभोक्ताओं को समय से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

पेट्रोल पंपों पर कम पहुंचीं तेल की गाड़ियां
मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी आंशिक रूप से प्रभावित होती दिखी। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार पहले जहां प्रतिदिन चार टैंकर ईंधन पहुंचते थे, वहीं अब केवल एक टैंकर ही आ पा रहा है।

इससे लोगों में आशंका बढ़ गई है और कई वाहन चालकों ने एहतियात के तौर पर अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करानी शुरू कर दी हैं। दूसरी ओर टोरेंट गैस की ओर से उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर बताया गया कि नेटवर्क रखरखाव के कारण रात 12 बजे से भोर चार बजे तक गैस आपूर्ति बाधित रहेगी।

Amid conflict in West Asia, shortages exacerbate public hardship, leading to commotion in Nausad.
गैस सिलिंडर को लेकर परेशान रहे लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगा, ड्राई फ्रूट्स के दाम भी बढ़े
कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल सामान महंगे हो रहे हैं, जबकि विदेशों से आने वाले ड्राई फ्रूट्स की आपूर्ति प्रभावित होने से उनके दाम भी बढ़ने लगे हैं। इससे व्यापारी और उपभोक्ता दोनों चिंतित हैं।

गोरखपुर इलेक्ट्रिकल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव रस्तोगी ने बताया कि इलेक्ट्रिकल सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। एलडी वायर की कीमत 120 रुपये से बढ़कर 140 रुपये हो गई है। पीवीसी 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह एल्युमिनियम 320 रुपये से बढ़कर 355 रुपये और कॉपर 1300 रुपये से बढ़कर 1350 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि कच्चे माल के महंगे होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है और इसके कारण इलेक्ट्रिकल उत्पादों की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है। स्विच, सॉकेट और अन्य इलेक्ट्रिकल एसेसरीज बनाने वाली कंपनियां भी जल्द ही दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं।

वहीं, गोरखपुर किराना कमेटी के अध्यक्ष गोपाल जायसवाल ने बताया कि अफगानिस्तान और ईरान से आने वाले मुनक्का, किशमिश, पिस्ता, मामरा बादाम और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके कारण फुटकर बाजार में इनके दाम पांच से दस प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।

Amid conflict in West Asia, shortages exacerbate public hardship, leading to commotion in Nausad.
गैस सिलिंडर की किल्लत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारियों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति लंबी चली तो बाजार पर इसका असर और अधिक बढ़ सकता है। हालांकि, निर्यात प्रभावित होने की स्थिति में बासमती चावल की कीमतों में कमी आने की भी संभावना जताई जा रही है।
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