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Maharajganj News: सोहगीबरवा के जंगल में तस्करों के साथ शिकारियों ने भी बिछाई है जाल
Tue, 20 Feb 2024 02:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 20 Feb 2024 02:55 AM IST
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महराजगंज/निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के जंगल बहुमूल्य वन संपदा से भरे हैं। इन जंगलों में वन्य जीव भी निवास करते हैं। यहां पर वन तस्करों के साथ ही शिकारियों ने भी अपनी जाल बिछा रखी है। ऐसे में बहुमूल्य वन संपदा के साथ ही वन्यजीवों के जीवन पर भी संकट खड़ा हो गया है।
बीते दिनों हुई वारदातों पर नजर डालें तो सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल, मधवलिया, पकड़ी वन रेंज के जंगलों में लकड़ी तस्करी और अवैध खनन के साथ ही वन्य जीवों का शिकारी करने वाले तस्कर सक्रिय हैं। इन वन क्षेत्रों में वृक्षों की कटाई, वन्य जीवों का शिकार और अवैध खनन से हर माह होने वाली लाखों रुपये की कमाई ने माफिया के हौसले बढ़ा दिए हैं। इतना ही नहीं जब कभी वन विभाग के जिम्मेदार सख्ती दिखाते हैं तो मोटी कमाई हाथ से जाते देख माफिया वनकर्मियों से भिड़ने से भी नहीं चूकते हैं। 31 जनवरी को निचलौल वन रेंज के करमहिया में वन दरोगा पर तस्करों ने हमला कर दिया था। दूसरी वारदात पकड़ी वन रेंज में लकड़ी तस्कर को पकड़ने पहुंची टीम पर देखने को मिली थी। हालांकि इन वारदातों के बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। यही कारण है कि जंगल से होने वाली कमाई का लालच माफिया छोड़ नहीं पा रहे हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी नवीन प्रकाश शाक्य ने बताया कि वन क्षेत्र की निगरानी के लिए टीम लगी है। जांच में समय समय पर कार्रवाई की जाती है।
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बीते दिनों हुई वारदातों पर नजर डालें तो सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल, मधवलिया, पकड़ी वन रेंज के जंगलों में लकड़ी तस्करी और अवैध खनन के साथ ही वन्य जीवों का शिकारी करने वाले तस्कर सक्रिय हैं। इन वन क्षेत्रों में वृक्षों की कटाई, वन्य जीवों का शिकार और अवैध खनन से हर माह होने वाली लाखों रुपये की कमाई ने माफिया के हौसले बढ़ा दिए हैं। इतना ही नहीं जब कभी वन विभाग के जिम्मेदार सख्ती दिखाते हैं तो मोटी कमाई हाथ से जाते देख माफिया वनकर्मियों से भिड़ने से भी नहीं चूकते हैं। 31 जनवरी को निचलौल वन रेंज के करमहिया में वन दरोगा पर तस्करों ने हमला कर दिया था। दूसरी वारदात पकड़ी वन रेंज में लकड़ी तस्कर को पकड़ने पहुंची टीम पर देखने को मिली थी। हालांकि इन वारदातों के बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। यही कारण है कि जंगल से होने वाली कमाई का लालच माफिया छोड़ नहीं पा रहे हैं।
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प्रभागीय वनाधिकारी नवीन प्रकाश शाक्य ने बताया कि वन क्षेत्र की निगरानी के लिए टीम लगी है। जांच में समय समय पर कार्रवाई की जाती है।