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एक छत के नीचे होंगी सभी प्रकार की जांचें, बनेगा इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब
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एक छत के नीचे होंगी सभी प्रकार की जांचें, बनेगा इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब
महराजगंज। मरीजों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। कुछ दिन बाद एक छत के नीचे ही सभी प्रकार की जांच के लिए इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाया जाएगा। राज्य स्तरीय टीम जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर चुकी है। लैब के लिए करीब 5,000 वर्ग फीट भूमि की जरूरत है। इस लैब में एक जगह पर सभी प्रकार की जांचों की सुविधा होगी। मरीजों को कई स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत इस लैब का संचालन किया जाएगा। शासन की मंशा है कि अस्पतालों में सभी प्रकार की जांचें एक छत के नीचे हों, जिससे मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े। ओपीडी के पास ही लैब की स्थापना करने पर जोर है। वर्तमान में जिला अस्पताल की पैथोलॉजी उपरी तल पर है, जिससे मरीजों को जांच के लिए सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है। कुछ मरीज ऐसे होते हैं, जिनको सीढ़ी चढ़ने में परेशानी होती है। आने वाले दिनों में मरीजों की यह समस्या दूर हो जाएगा। एकीकृत प्रयोगशाला में पूरी जांच एक साथ हो सकेगी। इस दिश में तेजी से काम हो रहा है। जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन 800 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं, इसमें दो सौ मरीजों को जांच कराने की जरूरत पड़ती है।
24 घंटे रहेगी जांच की सुविधा
इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में संचारी और गैर संचारी रोगों से जुड़ी जांच 24 घंटे होगी। इस प्रयोगशाला में सभी प्रोग्राम के लैब टेक्नीशियन एक ही जगह काम करेंगे। लैब शुरू होने के बाद टीबी, मलेरिया, एड्स समेत अन्य पैथोलॉजी में होने वाली जांचों के लिए मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। संचालित होने वाले प्रयोगशाला में 90 प्रकार की जांच मिलेंगी। इसमें 11 लैब टेक्नीशियन, एक माइक्रो बायोलॉजिस्ट, एक बायोकेमिस्ट के साथ पैथोलाजिस्ट की तैनाती की जाएगी।
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टीबी समेत संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें होंगी
जिला अस्पताल में पहले से संचालित लैब को विस्तारित किया जाएगा। चिकनगुलिया, स्क्रबटाइफस, मलेरिया, एक्ट्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टीबी समेत संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें होंगी। कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर, आईडीएसपी, आरटीपीसीआर, समेत समेत अन्य सभी गैर संचारी रोगों की महत्वपूर्ण जांच की जाएगी। लैब को नए सिरे से स्थापना के लिए शासन की ओर से पत्र आया था। इसके लिए पुराने लैब को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। भूमि को देखने के साथ ही क्या क्या जरूरत है, इसकी सूची भेजी जा चुकी है।
इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में सभी जांच एक साथ हो सकेगी। टीम बीते दिनों अस्पताल में निरीक्षण कर स्थान देख चुकी है। इस लैब को स्थापित करने के लिए जरूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
डॉ. एके द्विवेदी, प्रभारी सीएमएच
शासन से मिले निर्देश के अनुसार लैब को स्थापना के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। चेक लिस्ट भर भेजी जा चुकी है। इससे जुड़े जरूरी कार्य किए जा रहे हैं।
नीरज सिंह, जिला प्रबंधक, एनएचएम
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महराजगंज। मरीजों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। कुछ दिन बाद एक छत के नीचे ही सभी प्रकार की जांच के लिए इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाया जाएगा। राज्य स्तरीय टीम जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर चुकी है। लैब के लिए करीब 5,000 वर्ग फीट भूमि की जरूरत है। इस लैब में एक जगह पर सभी प्रकार की जांचों की सुविधा होगी। मरीजों को कई स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत इस लैब का संचालन किया जाएगा। शासन की मंशा है कि अस्पतालों में सभी प्रकार की जांचें एक छत के नीचे हों, जिससे मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े। ओपीडी के पास ही लैब की स्थापना करने पर जोर है। वर्तमान में जिला अस्पताल की पैथोलॉजी उपरी तल पर है, जिससे मरीजों को जांच के लिए सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है। कुछ मरीज ऐसे होते हैं, जिनको सीढ़ी चढ़ने में परेशानी होती है। आने वाले दिनों में मरीजों की यह समस्या दूर हो जाएगा। एकीकृत प्रयोगशाला में पूरी जांच एक साथ हो सकेगी। इस दिश में तेजी से काम हो रहा है। जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन 800 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं, इसमें दो सौ मरीजों को जांच कराने की जरूरत पड़ती है।
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24 घंटे रहेगी जांच की सुविधा
इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में संचारी और गैर संचारी रोगों से जुड़ी जांच 24 घंटे होगी। इस प्रयोगशाला में सभी प्रोग्राम के लैब टेक्नीशियन एक ही जगह काम करेंगे। लैब शुरू होने के बाद टीबी, मलेरिया, एड्स समेत अन्य पैथोलॉजी में होने वाली जांचों के लिए मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। संचालित होने वाले प्रयोगशाला में 90 प्रकार की जांच मिलेंगी। इसमें 11 लैब टेक्नीशियन, एक माइक्रो बायोलॉजिस्ट, एक बायोकेमिस्ट के साथ पैथोलाजिस्ट की तैनाती की जाएगी।
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टीबी समेत संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें होंगी
जिला अस्पताल में पहले से संचालित लैब को विस्तारित किया जाएगा। चिकनगुलिया, स्क्रबटाइफस, मलेरिया, एक्ट्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टीबी समेत संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें होंगी। कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर, आईडीएसपी, आरटीपीसीआर, समेत समेत अन्य सभी गैर संचारी रोगों की महत्वपूर्ण जांच की जाएगी। लैब को नए सिरे से स्थापना के लिए शासन की ओर से पत्र आया था। इसके लिए पुराने लैब को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। भूमि को देखने के साथ ही क्या क्या जरूरत है, इसकी सूची भेजी जा चुकी है।
इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में सभी जांच एक साथ हो सकेगी। टीम बीते दिनों अस्पताल में निरीक्षण कर स्थान देख चुकी है। इस लैब को स्थापित करने के लिए जरूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
डॉ. एके द्विवेदी, प्रभारी सीएमएच
शासन से मिले निर्देश के अनुसार लैब को स्थापना के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। चेक लिस्ट भर भेजी जा चुकी है। इससे जुड़े जरूरी कार्य किए जा रहे हैं।
नीरज सिंह, जिला प्रबंधक, एनएचएम