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Nepal: नेपाल के मुस्तांग में फंसे सभी पर्यटक सकुशल पहुंचे भैरहवां, भूख प्यास से हालत हो गई थी खराब
Tue, 11 Oct 2022 05:26 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 11 Oct 2022 05:26 PM IST
सार
नेपाल और भारत सहित अन्य देशों के पर्यटक मुक्तिनाथ धाम दर्शन को गए थे। एक सप्ताह पूर्व लौटते वक्त रास्ते में दो जगह भारी भूस्खलन से मार्ग अवरूद्ध हो गया और पर्यटक उसमें फंस गए। हालत यह हो गई कि लोगों के पास के पैसे खत्म हो गए। खाने-पीने के लाले पड़ गए।
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नेपाल समाचार।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नेपाल के मुस्तांग जिले में फंसे पर्यटकों की फरियाद पर्यटन मंत्री तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया और प्राथमिकता के आधार पर फंसे पर्यटकों को रास्ता साफ कराकर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। पर्यटन मंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात कर भूस्खलन से बाधित मार्ग खाली करवाया।
बता दें कि नेपाल और भारत सहित अन्य देशों के पर्यटक मुक्तिनाथ धाम दर्शन को गए थे। एक सप्ताह पूर्व लौटते वक्त रास्ते में दो जगह भारी भूस्खलन से मार्ग अवरूद्ध हो गया और पर्यटक उसमें फंस गए। हालत यह हो गई कि लोगों के पास के पैसे खत्म हो गए। खाने-पीने के लाले पड़ गए।
स्थानीय प्रशासन लोगों की फरियाद सुनने को तैयार नहीं था। फंसे हुए पर्यटकों में भैरहवा के व्यवसाई व सामाजिक कार्यकर्ता हरीश सेठिया का परिवार भी था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना काठमांडू ग्रामीण एवं शहरी विकास पर्यटन मंत्री डिल्ली बहादुर चौधरी को दी।
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पर्यटन मंत्री ने सूचना का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रशासन को मौके पर पंहुच कर पर्यटकों को सकुशल निकालने का आदेश दिया। पर्यटन मंत्री के निर्देश पर मुस्तांग में फंसे सभी पर्यटकों को सकुशल निकाल लिया गया। भूस्खलन के वजह से रास्ते में करीब 200 कार, 100 मोटर साइकिल और 5 बस में सवार यात्री फंसे हुए थे।
सभी पर्यटक 12 घंटे का सफर कर भैरहवां पहुंचे। पर्यटन के ग्रामीण एवं शहरी विकास मंत्री डिल्ली बहादुर चौधरी ने बताया कि मुस्तांग में फसे सभी पर्यटकों को अपने गंतव्य को भेज दिया गया। अब कोई पर्यटक नहीं फंसा है।
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बता दें कि नेपाल और भारत सहित अन्य देशों के पर्यटक मुक्तिनाथ धाम दर्शन को गए थे। एक सप्ताह पूर्व लौटते वक्त रास्ते में दो जगह भारी भूस्खलन से मार्ग अवरूद्ध हो गया और पर्यटक उसमें फंस गए। हालत यह हो गई कि लोगों के पास के पैसे खत्म हो गए। खाने-पीने के लाले पड़ गए।
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स्थानीय प्रशासन लोगों की फरियाद सुनने को तैयार नहीं था। फंसे हुए पर्यटकों में भैरहवा के व्यवसाई व सामाजिक कार्यकर्ता हरीश सेठिया का परिवार भी था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना काठमांडू ग्रामीण एवं शहरी विकास पर्यटन मंत्री डिल्ली बहादुर चौधरी को दी।
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पर्यटन मंत्री ने सूचना का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रशासन को मौके पर पंहुच कर पर्यटकों को सकुशल निकालने का आदेश दिया। पर्यटन मंत्री के निर्देश पर मुस्तांग में फंसे सभी पर्यटकों को सकुशल निकाल लिया गया। भूस्खलन के वजह से रास्ते में करीब 200 कार, 100 मोटर साइकिल और 5 बस में सवार यात्री फंसे हुए थे।
सभी पर्यटक 12 घंटे का सफर कर भैरहवां पहुंचे। पर्यटन के ग्रामीण एवं शहरी विकास मंत्री डिल्ली बहादुर चौधरी ने बताया कि मुस्तांग में फसे सभी पर्यटकों को अपने गंतव्य को भेज दिया गया। अब कोई पर्यटक नहीं फंसा है।