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Maharajganj News: अलविदा की नमाज पढ़कर नम आंखों से मांगी दुआएं
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रजा जामा मस्जिद नगर पंचायत चौक महाराजगंज में नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग।
नमाज पढ़ने के लिए जनपद की मस्जिदों में नमाजियों की लगी रही भींड़
रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा कर अल्लाह से जहन्नुम से आजादी की दुआ की
महराजगंज। जनपद के सभी मस्जिदों में अकीदत के साथ आखिरी जुमे की नमाज अदा की गई। रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा कर अल्लाह से जहन्नुम से आजादी की दुआ की। इस दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई। मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज पढ़कर नम आंखों से दुआएं मांगी गई।
जनपद के नौतनवा, परतावल, घुघुली, निचलौल, सिसवा बाजार, पनियरा, फरेंदा, धानी, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, मिठौरा, सिंदुरिया नौतनवा, परसामलिक, ठूठीबारी आदि सैकड़ों मस्जिदों में रमजान महीने के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने रमजान महीने के आखिरी अशरे की नमाज पढ़कर गुनाहों से माफी की दुआ मांगी। जनपद की सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे- बूढ़े, युवाओं की भारी भीड़ जमा रही।
रमजान महीने के आखिरी अशरे (हिस्से) जहन्नुम से आजादी का 30वां रोजा चल रहा है। इस अशरे में रोजेदार रमजान के रोजे रखकर अल्लाह से जहन्नुम से आजादी की दुआ मांगकर अपने गुनाहों का प्रायश्चित करता है तो अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफकर रोजेदारों की मांगी गई दुआ कुबूल लेता है।
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महराजगंज स्थित नूरी मस्जिद मे मस्जिद के ईमाम कारी मोहम्मद इरशाद ने अलविदा की नमाज अदा कराई। मौलाना अमजद अली निजामी ने संबोधित करते हुए कहा रमजान का महीना रुखसत हो रहा है। इस्लाम के मुताबिक रमजान महीने के तीसरे अशरे (हिस्सा) जहन्नुम से आजादी का चल रोजा चल रहा है, जो भी मुसलमान रमजान के रोजे रखता है। सच्चे दिल से अपने गुनाहों का प्रायश्चित करता है, अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफ़ कर उसे जहन्नुम से आजाद कर जन्नत अता करता है। रमजान के महीने में रहमत के दरवाजे खुल जाते हैं।
अल्लाह से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगना करनी चाहिए। पांच वक्त की नमाज नियमित रूप से पढ़ते हुए कुरान शरीफ पढ़ने में दिल लगाना चाहिए। भूखों को खाना खिलाएं, जरूरतमंदों की मदद करें और रोजेदारों को इफ्तार कराएं, इससे खुदा खुश होकर अपने मानने वालों की दिल से मांगी हुई दुआ कुबूल करता है।
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रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा कर अल्लाह से जहन्नुम से आजादी की दुआ की
महराजगंज। जनपद के सभी मस्जिदों में अकीदत के साथ आखिरी जुमे की नमाज अदा की गई। रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा कर अल्लाह से जहन्नुम से आजादी की दुआ की। इस दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई। मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज पढ़कर नम आंखों से दुआएं मांगी गई।
जनपद के नौतनवा, परतावल, घुघुली, निचलौल, सिसवा बाजार, पनियरा, फरेंदा, धानी, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, मिठौरा, सिंदुरिया नौतनवा, परसामलिक, ठूठीबारी आदि सैकड़ों मस्जिदों में रमजान महीने के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने रमजान महीने के आखिरी अशरे की नमाज पढ़कर गुनाहों से माफी की दुआ मांगी। जनपद की सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे- बूढ़े, युवाओं की भारी भीड़ जमा रही।
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रमजान महीने के आखिरी अशरे (हिस्से) जहन्नुम से आजादी का 30वां रोजा चल रहा है। इस अशरे में रोजेदार रमजान के रोजे रखकर अल्लाह से जहन्नुम से आजादी की दुआ मांगकर अपने गुनाहों का प्रायश्चित करता है तो अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफकर रोजेदारों की मांगी गई दुआ कुबूल लेता है।
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महराजगंज स्थित नूरी मस्जिद मे मस्जिद के ईमाम कारी मोहम्मद इरशाद ने अलविदा की नमाज अदा कराई। मौलाना अमजद अली निजामी ने संबोधित करते हुए कहा रमजान का महीना रुखसत हो रहा है। इस्लाम के मुताबिक रमजान महीने के तीसरे अशरे (हिस्सा) जहन्नुम से आजादी का चल रोजा चल रहा है, जो भी मुसलमान रमजान के रोजे रखता है। सच्चे दिल से अपने गुनाहों का प्रायश्चित करता है, अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफ़ कर उसे जहन्नुम से आजाद कर जन्नत अता करता है। रमजान के महीने में रहमत के दरवाजे खुल जाते हैं।
अल्लाह से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगना करनी चाहिए। पांच वक्त की नमाज नियमित रूप से पढ़ते हुए कुरान शरीफ पढ़ने में दिल लगाना चाहिए। भूखों को खाना खिलाएं, जरूरतमंदों की मदद करें और रोजेदारों को इफ्तार कराएं, इससे खुदा खुश होकर अपने मानने वालों की दिल से मांगी हुई दुआ कुबूल करता है।