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Maharajganj News: 19 साल बाद बैराज से खेत को पानी मिलने का सपना हुआ साकार

Wed, 09 Apr 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 09 Apr 2025 01:01 AM IST
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After 19 years the dream of getting water from the barrage to the fields came true
महराजगंज। रोहिन बैराज से 19 साल बाद किसानों को खेत की सिंचाई करने के लिए मिलेगा। इससे हर मौसम में जहां सिंचाई की राह आसान हो गई है। वहीं बरसात के समय में बाढ़ का खतरा भी काम रहेगा। इसे लेकर क्षेत्र के किसानों में खुशी है। वर्ष 2005 में बैराज क्षतिग्रस्त हुआ था।
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जानकारी के अनुसार, 148 करोड़ की लागत से बॉर्डर के करीब रोहिन बैराज क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान है। अब सिंचाई के लिए किसानों को परेशानी नहीं होगी। लोकार्पण के बाद से ही क्षेत्र के किसानों में खुशी है। रोहिन बैराज का निर्माण अक्तूबर 2022 में शुरू हुआ था, अब यह काम करना शुरू कर दिया है। वर्ष 1947 में रतनपुर के मिश्रौलिया में रोहिन नदी में बीयर गेट बनाकर रोहिन नहर प्रणाली की नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू की गई थी।
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रतनपुर के महेंद्र कुमार कहते हैं कि अगस्त 2005 में आई भीषण बाढ़ से रोहिन का बीयर गेट टूट गया था, जिससे नहरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी। किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी में अस्थाई कच्चा बांध बनाकर पानी आपूर्ति शुरू की, लेकिन बरसात आने से पहले बाढ़ से बचाव के लिए विभाग की ओर से बांध काट दिया जाता था। इससे किसानों को केवल रबी की फसल की ही सिंचाई की सुविधा मिल पाती थी।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रोहिन नहर प्रणाली से 65 गांवों के 16000 किसानों के खेतों की सिंचाई होती थी। इससे 8881 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती थी। रोहिन नहर प्रणाली की लंबाई 45 किलोमीटर है। रोहिन बैराज की डिजाइन केंद्रीय परिकल्पना निदेशालय लखनऊ उत्तर प्रदेश की ओर से तैयार किया गया है। यह बैराज 4.699 हेक्टेयर की एरिया में बना है।
क्षेत्र के बेलवां, बकईनियां, सोंधी, रतनपुर, कोहडवल, सोनपिपरी, खोरिया, सिरसिया, बैरवां चंदनपुर, बनकटवां, रामनगर, पिपरियां, करैलां, सिंहपुर, अजगरहां, भैसहिया पाठक, बरगदवां अयोध्या, लक्ष्मीपुर, सोनबरसा, करमहवां आदि गांव के किसानों की सिचाई की समस्या दूर हो गई।
कोहडवल गांव के हरिहर यादव ने बताया कि सरकार ने यह बेहतर काम किया है। सिंचाई के लिए अब परेशानी नहीं होगी। गुजरे वक्त में बाढ़ की समस्या से भी जुझना पड़ता था। रतनपुर के देवेंद्र कुमार ने बताया कि बैराज बन जाने से आने वाले दिनों में बाढ़ की समस्या दूर हो जाएगी। बरसात के समय में पानी नियंत्रित होकर आगे की बढ़ेगा। सिंचाई के लिए भी काफी सहुलियत हो गई है।

सहायक अभियंता बृजेश कुमार सोनी ने बताया कि रोहिन बीयर बैराज बेहतर ढंग से बनाया गया है। इससे क्षेत्र में सिंचाई की समस्या दूर हो गई है। यह सिंचाई विभाग की बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है।
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