फरेंदा। रेवेन्यू बार एसोसिएशन फरेंदा के आम सभा की बैठक सोमवार को तहसील सभागार में आयोजित हुई। जहां अधिवक्ताओं ने पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर बिंदु वार चर्चा कर संघ को आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किया गया।
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश शुक्ल ने उपजिलाधिकारी व नायब तहसीलदार के न्यायालय में व्याप्त अनियमितता व मनमानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी की कार्यप्रणाली शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता जगदंबा यादव ने तहसीलदार न्यायालय में बिना बहस के ही पत्रावली में आदेश कर देने व न्यायिक प्रक्रिया का पालन न करने की शिकायत दर्ज कराई। अधिवक्ता सच्चिदानंद जायसवाल ने अन्य न्यायालय में व्यस्त होने के दौरान उपजिलाधिकारी न्यायालय में बंटवारे की पत्रावली में बिना सुने आदेश कर देने की बात कही। बैठक में पूर्व अध्यक्ष अष्टभुजा वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिरुद्ध श्रीवास्तव, डाक्टर मनीष चौबे, राघवेंद्र उपाध्याय, वीरेंद्र तिवारी, परमात्मा सिंह, संजय मिश्र, रविंद्र पासवान, अवधेश उपाध्याय,गोरख शर्मा, विपिन श्रीवास्तव ने न्यायालयों में व्याप्त अनियमितता पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने व अपना समर्थन देने की बात कही।बाद में संघ ने सर्वसम्मति से उपजिलाधिकारी न्यायालय के बहिष्कार व तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न्यायालय में व्याप्त अनियमितता में सुधार के लिए पत्र जारी करने का निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष सेराज अहमद खान व संचालन संघ के सचिव सतीश चंद्र दुबे ने किया।