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अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:46 PM IST
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अधिवक्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में सोमवार को जिले के वकील सड़क पर उतरे। ज्ञापन डीएम को दिया।
सोमवार को सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएम से मिले। बार के अध्यक्ष अनिरुद्व प्रसाद पटेल ने कहा कि लखनऊ के अधिवक्ता श्रवण कुमार वर्मा, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अधिवक्ता दीप चंद शुक्ल और हमीरपुर के अधिवक्ता अशोक अहिरवार की हत्या की गई।
इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्णय के अनुसार मारे गए अधिवक्ताओं के परिवार को 50-50 लाख रुपये की मदद दी जाए। साथ ही अधिवक्ताओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। परिवार के एक एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की।
बताया की बार कौंसिल के आह्वान पर अधिवक्तओं ने न्यायिक कार्य से विरत रह कर डीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में बार एसोसिएशन के मंत्री जितेन्द्र कुमार सिंह, अवधेश पांडे, बद्रीनाथ गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव, आशुतोष कुमार, हरिश्चन्द्र, रामनिवास गुप्ता सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक बार कौंसिल के आह्वान पर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने तीन सूत्रीय मांगों का पत्र राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को दिया।
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अध्यक्ष सुधेश मोहन श्रीवास्तव मंत्री, प्रेम सिंह के नेतृत्व में सभी अधिवक्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए वकीलों का उत्पीड़न बंद करने की मांग की है। अरविंद मिश्रा, स्कंद श्रीवास्तव, राम सहाय गुप्ता, नरेंद्र नाथ यादव, शम्भूनाथ यादव, डीएन चतुर्वेदी, सर्वेश राय, अरविन्द उपाध्याय, सुनील मणि, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, आदि लोग रहे।
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार अध्यक्ष हरिश्चंद्र पांडेय, मंत्री राजकुमार मिश्रा, गोमती प्रसाद उपाध्याय, दिग्विजय नारायण गिरी, विरेन्द्र तिवारी, पुनीत मिश्रा, दीनानाथ चौधरी, देश दीपक पांडेय, अरविन्द मिश्र, नवीन मिश्रा व कृष्ण मोहन मिश्र समेत भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहे।
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सोमवार को सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएम से मिले। बार के अध्यक्ष अनिरुद्व प्रसाद पटेल ने कहा कि लखनऊ के अधिवक्ता श्रवण कुमार वर्मा, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अधिवक्ता दीप चंद शुक्ल और हमीरपुर के अधिवक्ता अशोक अहिरवार की हत्या की गई।
इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्णय के अनुसार मारे गए अधिवक्ताओं के परिवार को 50-50 लाख रुपये की मदद दी जाए। साथ ही अधिवक्ताओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। परिवार के एक एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की।
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बताया की बार कौंसिल के आह्वान पर अधिवक्तओं ने न्यायिक कार्य से विरत रह कर डीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में बार एसोसिएशन के मंत्री जितेन्द्र कुमार सिंह, अवधेश पांडे, बद्रीनाथ गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव, आशुतोष कुमार, हरिश्चन्द्र, रामनिवास गुप्ता सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक बार कौंसिल के आह्वान पर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने तीन सूत्रीय मांगों का पत्र राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को दिया।
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अध्यक्ष सुधेश मोहन श्रीवास्तव मंत्री, प्रेम सिंह के नेतृत्व में सभी अधिवक्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए वकीलों का उत्पीड़न बंद करने की मांग की है। अरविंद मिश्रा, स्कंद श्रीवास्तव, राम सहाय गुप्ता, नरेंद्र नाथ यादव, शम्भूनाथ यादव, डीएन चतुर्वेदी, सर्वेश राय, अरविन्द उपाध्याय, सुनील मणि, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, आदि लोग रहे।
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार अध्यक्ष हरिश्चंद्र पांडेय, मंत्री राजकुमार मिश्रा, गोमती प्रसाद उपाध्याय, दिग्विजय नारायण गिरी, विरेन्द्र तिवारी, पुनीत मिश्रा, दीनानाथ चौधरी, देश दीपक पांडेय, अरविन्द मिश्र, नवीन मिश्रा व कृष्ण मोहन मिश्र समेत भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहे।