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Maharajganj News: मनमानी शुल्क और पुस्तक बेचने वाले तीन स्कूलों पर होगी कार्रवाई
Wed, 07 May 2025 09:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 07 May 2025 09:04 PM IST
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निचलौल। क्षेत्र में संचालित होने वाले स्कूलों पर अभिभावकों से मनमानी फीस शुल्क लेने और पुस्तक बेचने के मामले में उच्चाधिकारियों की ओर से टीम गठित की गई है। ऐसे में गठित टीम बुधवार को क्षेत्र के तीन स्कूलों पर पहुंच जांच पड़ताल करने के साथ ही बच्चों से पूछताछ की। इस दौरान स्कूल संचालकों का पोल खुल गया। टीम इन तीनों स्कूलों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
टीम में शामिल खंड शिक्षा अधिकारी आनंद मिश्रा ने बताया कि विद्यालयों में मानक से अधिक शुल्क लेने के साथ ही मनमाने तरीके से पुस्तकों को क्रय करने के लिए अभिभावकों को बाध्य किया जा रहा है। जिस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची, तो इसे रोक लगाने के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई। जिस टीम में उनके साथ ही राजकीय इंटर कालेज नौनिया के प्रधानाचार्य भी शामिल रहे।
टीम की ओर से कक्षा एक से बारहवीं तक छह बिंदुओं पर जांच करनी है। ऐसे में टीम तीन स्कूलों की जांच पड़ताल की। इतना ही नहीं इस दौरान विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से कई बिंदुओं पर वार्ता किया गया। जिस दौरान देखने को मिला कि स्कूल संचालकों की ओर से अभिभावकों से अधिक शुल्क वसूलने के साथ ही पुस्तक क्रय करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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इस मामले में स्कूल संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए टीम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इतना ही नहीं अभी आगे भी टीम की ओर से अन्य विद्यालयों की जांच की जाएगी।
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टीम में शामिल खंड शिक्षा अधिकारी आनंद मिश्रा ने बताया कि विद्यालयों में मानक से अधिक शुल्क लेने के साथ ही मनमाने तरीके से पुस्तकों को क्रय करने के लिए अभिभावकों को बाध्य किया जा रहा है। जिस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची, तो इसे रोक लगाने के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई। जिस टीम में उनके साथ ही राजकीय इंटर कालेज नौनिया के प्रधानाचार्य भी शामिल रहे।
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टीम की ओर से कक्षा एक से बारहवीं तक छह बिंदुओं पर जांच करनी है। ऐसे में टीम तीन स्कूलों की जांच पड़ताल की। इतना ही नहीं इस दौरान विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से कई बिंदुओं पर वार्ता किया गया। जिस दौरान देखने को मिला कि स्कूल संचालकों की ओर से अभिभावकों से अधिक शुल्क वसूलने के साथ ही पुस्तक क्रय करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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इस मामले में स्कूल संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए टीम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इतना ही नहीं अभी आगे भी टीम की ओर से अन्य विद्यालयों की जांच की जाएगी।