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Maharajganj News: तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पैदल जा रहे दुकानदार को कुचला, मौत

Wed, 06 May 2026 02:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 02:26 AM IST
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A speeding ambulance crushed a pedestrian, resulting in his death.
निचलौल मार्ग पर मिठौरा बाजार के सामने हुआ हादसा
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किराने की दुकान खोलने जा रहे थे सजनलाल
एंबुलेंस को कब्जे में और चालक को हिरासत में लिया गया, प्राथमिकी दर्ज
मिठौरा। निचलौल मार्ग पर मिठौरा स्थित बुधवार बाजार के सामने मंगलवार की सुबह करीब 6.30 बजे एक निजी एंबुलेंस ने बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दिया। हादसे में मिठौरा निवासी सजनलाल (65) की मौत हो गई। पुलिस ने एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया है। चालक को हिरासत में लेकर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। एंबुलेंस जगदोर सीएचसी पर मरीज को छोड़कर लौट रही थी।
जानकारी के अनुसार, सिंदुरिया थाना क्षेत्र के मिठौरा निवासी सजनलाल मंगलवार की सुबह करीब 5 बजे अपने घर से पैदल दुकान जा रहे थे। तभी निचलौल की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक निजी एंबुलेंस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दिया। टक्कर से सजनलाल सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।आनन-फानन में ग्रामीणों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा जगदौर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी हालत में कोई सुधार न होने पर परिजन उन्हें केएमसी हॉस्पिटल महराजगंज ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर मिठौरा गांव में पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसओ सिंदुरिया राजकुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया गया है। चालक को हिरासत में लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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बेटे की मौत के बाद पूरे परिवार की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
मिठौरा। सड़क हादसे में सजन लाल की मौत ने एक नहीं, कई जिंदगियों को अंधेरे में धकेल दिया। सजन लाल अपने परिवार का इकलौता सहारा थे। पहले ही बड़े बेटे को खो चुके इस परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने आजीविका संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि सजन लाल ने बेटे की मौत के बाद उसके तीन छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश का जिम्मा खुद उठाया था। उन्होंने संघर्ष करते हुए दो नातियों की शादी भी करा दी थी लेकिन सबसे छोटे नाती की शादी अभी बाकी है। गांव की छोटी सी किराने की दुकान ही सजन लाल की आजीविका का एकमात्र साधन थी, इसी से पूरे परिवार का खर्च चलता था। वह रोज की तरह सुबह दुकान खोलने निकले थे कि रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने, बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी उठाने और दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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