फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   A feud sparked by chicken theft reaches the High Court, government land occupied and removed

Maharajganj News: मुर्गा चोरी से शुरू हुई रंजिश हाईकोर्ट तक पहुंची, सरकारी जमीन से हटा कब्जा

Fri, 20 Feb 2026 02:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
A feud sparked by chicken theft reaches the High Court, government land occupied and removed
नौतनवा। तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा नरकटहा में दो पक्षों के बीच चल रही वर्षों पुरानी रंजिश बृहस्पतिवार को न्यायालय के आदेश पर बुलडोजर की कार्रवाई तक पहुंच गई। करीब सात वर्ष पहले मुर्गा चोरी के एक मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला थाना-कचहरी होते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दरवाजे तक पहुंचा और अतंत: न्यायालय के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को प्रशासन ने सरकारी चरागाह की भूमि से पूर्व प्रधान का अवैध कब्जा हटवाया।
विज्ञापन

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से कब्जा हटवाया। एसडीएम नवीन प्रसाद ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आदेश के क्रम में चारागाह की भूमि को कब्जामुक्त करा दिया गया है।
विज्ञापन

लोगों के तंज ने बना दी थी वर्चस्व की लड़ाई : मामला वर्ष 2019 का है। नरकटहा निवासी किशोरी का एक मुर्गा गायब हो गया। चोरी का आरोप लगा भूतपूर्व प्रधान सोमई के बेटे पर। आरोप लगाए जाने के बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। मामला थाने पहुंचा। कई दौर की बैठक के बाद आखिरकार दोनों समझौता करने को राजी हो गए। दबाव में मामला तत्काल में तो जरूर दब गया लेकिन पिटाई ने किशोरी का दिल आहत कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह बात उन्हें नागवार लगतीथी। उनके मन में सोमई के प्रति गुस्सा था, जो धीरे-धीरे वर्चस्व की लड़ाई बन गई। मौका मिलते ही किशोरी ने अपने विपक्षी सोमई के खिलाफ सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई नहीं हुई। तहसीलदार न्यायालय में वाद दाखिल किया। मामला कच्छप गति से चलता देख उन्होंने सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सोमई के खिलाफ सरकारी भूमि से बेदखली का आदेश जारी किया।

कुछ दिनों बाद भी उसका अनुपालन नहीं हुआ तो पीड़ित ने तीन बार में पहले तहसीलदार और फिर बाद में एसडीएम नौतनवा के खिलाफ अवमानना (कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट) की याचिका दायर कर दी। अवमानना पर न्यायालय ने भी सख्ती दिखाई तो अधिकारियों को बैकफुट पर जाना पड़ा और बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे और चरागाह की भूमि को कब्जामुक्त कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed