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UP: थाईलैंड से नेपाल के रास्ते भारत लाया जा रहा था गांजा, सोनौली बॉर्डर पर जब्त- म्यांमार का तस्कर गिरफ्तार
Sat, 06 Jun 2026 03:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:34 AM IST
सार
नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर लगातार हो रही हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की सक्रियता की ओर सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। एसएसबी द्वारा पकड़े गए म्यांमार निवासी युवक की पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि बरामद खेप थाईलैंड से नेपाल के रास्ते भारत लाई जा रही थी।
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हाईड्रोपोनिक वीड के साथ पकड़ा गया विदेशी नागरिक।
विस्तार
बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हाईड्रोपोनिक वीड (गांजा) के साथ गिरफ्तार म्यांमार का नागरिक थाईलैंड होते हुए नेपाल पहुंचा था। आरोपी के पास से 4.53 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया था। आरोपी को आवश्यक कार्रवाई के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की गोरखपुर जोनल यूनिट को सुपुर्द कर दिया गया।
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सीमावर्ती इलाके में पहले भी इस तरह के मामले आ चुके हैं। 22वीं वाहिनी की सहायक कमांडेंट प्रिया यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम को सूचना मिली थी कि सीमा स्तंभ संख्या 517/2 के निकट नेपाल से भारत में एक व्यक्ति मादक पदार्थ की खेप लेकर आने वाला है।
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सूचना पर विशेष गश्ती दल को मौके पर तैनात किया गया। कुछ देर बाद संदिग्ध व्यक्ति सीमा पार कर भारत की ओर आता दिखाई दिया, जिसे भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 30 मीटर अंदर रोक लिया गया।
तलाशी के दौरान उसके ट्रॉली बैग से छह पैकेट हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 4.532 किलोग्राम पाया गया। सूचना मिलने पर एनसीबी गोरखपुर की टीम भी मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम फियो (30 वर्ष), पुत्र यू. हला आए, निवासी कड़ाव गांव, सेमीखो थाना, माइंथेम जिला, मण्डले राज्य, म्यांमार बताया। आरोपी ने बताया कि यह खेप उसे थाईलैंड में दी गई थी, जिसे वह नेपाल के रास्ते भारत लेकर आ रहा था। बताया कि मौके पर जब्ती की कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी तथा बरामद हाइड्रोपोनिक वीड को एनसीबी गोरखपुर के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
तलाशी के दौरान उसके ट्रॉली बैग से छह पैकेट हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 4.532 किलोग्राम पाया गया। सूचना मिलने पर एनसीबी गोरखपुर की टीम भी मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम फियो (30 वर्ष), पुत्र यू. हला आए, निवासी कड़ाव गांव, सेमीखो थाना, माइंथेम जिला, मण्डले राज्य, म्यांमार बताया। आरोपी ने बताया कि यह खेप उसे थाईलैंड में दी गई थी, जिसे वह नेपाल के रास्ते भारत लेकर आ रहा था। बताया कि मौके पर जब्ती की कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी तथा बरामद हाइड्रोपोनिक वीड को एनसीबी गोरखपुर के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
दिल्ली पहुंचाई जानी थी खेप
नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर लगातार हो रही हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की सक्रियता की ओर सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। एसएसबी द्वारा पकड़े गए म्यांमार निवासी युवक की पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि बरामद खेप थाईलैंड से नेपाल के रास्ते भारत लाई जा रही थी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बीते छह माह के दौरान सोनौली बॉर्डर पर करोड़ों रुपये मूल्य की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की जा चुकी है। इस दौरान पांच से अधिक तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जांच में अब तक यह तथ्य सामने आया है कि थाईलैंड से उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक वीड पहले नेपाल की राजधानी काठमांडो पहुंचाई जाती है।
नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर लगातार हो रही हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की सक्रियता की ओर सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। एसएसबी द्वारा पकड़े गए म्यांमार निवासी युवक की पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि बरामद खेप थाईलैंड से नेपाल के रास्ते भारत लाई जा रही थी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बीते छह माह के दौरान सोनौली बॉर्डर पर करोड़ों रुपये मूल्य की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की जा चुकी है। इस दौरान पांच से अधिक तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जांच में अब तक यह तथ्य सामने आया है कि थाईलैंड से उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक वीड पहले नेपाल की राजधानी काठमांडो पहुंचाई जाती है।
फिर कैरियरों के माध्यम से दिल्ली समेत अन्य महानगरों तक भेजी जाती है। पहले के खुलासों में पता चला था कि तस्करी नेटवर्क द्वारा कैरियरों को प्रति 500 ग्राम मादक पदार्थ दिल्ली पहुंचाने के एवज में लगभग एक लाख रुपये तक का भुगतान किया जाता है। अधिक कमाई के लालच में कई लोग इस अवैध कारोबार से जुड़ रहे हैं।
फरवरी माह में भी पकड़े गए थे दो युवक
फरवरी माह में भी एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब आठ किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि उन्हें काठमांडो में खेप सौंपी गई थी और इसे दिल्ली पहुंचाना था।
फरवरी माह में भी पकड़े गए थे दो युवक
फरवरी माह में भी एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब आठ किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि उन्हें काठमांडो में खेप सौंपी गई थी और इसे दिल्ली पहुंचाना था।
इसी अवधि में गिरफ्तार एक दंपति ने खुलासा किया था कि उन्हें थाईलैंड भेजकर वहां से मादक पदार्थ लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। काठमांडो पहुंचने के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य उनके ठहरने और भारत आने की व्यवस्था करते थे। दिल्ली पहुंचने के लिए मैत्री बस सेवा का भी उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि दिल्ली, हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों में हाइड्रोपोनिक वीड की मांग अधिक है और तस्कर इसी बाजार को लक्ष्य बनाकर खेप भेज रहे हैं।
एसएसबी, पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तथा अन्य खुफिया एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के सरगनाओं और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि दिल्ली, हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों में हाइड्रोपोनिक वीड की मांग अधिक है और तस्कर इसी बाजार को लक्ष्य बनाकर खेप भेज रहे हैं।
एसएसबी, पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तथा अन्य खुफिया एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के सरगनाओं और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई हैं।