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Maharajganj News: नेपाल में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शुरू किया गया अभियान
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अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को संदेश देने के लिए ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान शुरू
सोनौली। भोटेकोशी बाढ़ और पृथ्वी हाईवे बाधित होने के बाद नेपाल के पर्यटन कारोबार को फिर पटरी पर लाने के लिए नेपाल सरकार ने पर्यटकों का भरोसा बहाल करने की मुहिम तेज कर दी है। इसके तहत ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान शुरू किया गया है।
नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान के तहत प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। अभियान के जरिए बताया जा रहा है कि बाढ़ से प्रभावित सीमित क्षेत्रों को छोड़कर देश के प्रमुख पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खुले हैं। नेपाल पर्यटक सोटो के रुपनदेही अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि नेपाल के पर्यटन क्षेत्र के लिए यह पहल खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर से शुरू होने वाला शरद पर्यटन सीजन देश में विदेशी और भारतीय पर्यटकों की आमद के लिहाज से अहम माना जाता है।
हाल में बाढ़ और सड़क अवरोध से जुड़े समाचारों के कारण पोखरा, चितवन और लुंबिनी के होटलों में बुकिंग रद्द होने लगी थी। अब पर्यटन व्यवसायी पर्यटकों को वास्तविक स्थिति की जानकारी देकर दोबारा नेपाल आने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
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भारतीय पर्यटकों के लिए नेपाल अब भी आकर्षण का केंद्र
भारत से नेपाल आने वाले पर्यटकों के लिए लुंबिनी, पोखरा, चितवन, मुक्तिनाथ और पशुपतिनाथ प्रमुख आकर्षण हैं। इसी वर्ष गर्मी के मौसम में भी उत्तर प्रदेश और बिहार से बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक चितवन और पोखरा पहुंचे थे। नेपाल के पर्यटन कारोबारियों वोतम जोशी और सीपी श्रेष्ठ के अनुसार भारतीय पर्यटक नेपाल में धार्मिक यात्रा के साथ-साथ जंगल सफारी, प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ी पर्यटन को भी पसंद करते हैं। नेपाल में भारतीय पर्यटकों की आवाजाही की संभावनाएं कितनी मजबूत हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून में छह प्रमुख सीमा बिंदुओं से प्रतिदिन 2,000 से अधिक भारतीय वाहन नेपाल में प्रवेश कर रहे थे। इससे होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसाय को भी फायदा हुआ था।
लुंबिनी पूरी तरह पर्यटकों के लिए खुला
नेपाल भैरहवा उद्योग वाणिज्य सन्ध के महासचिव कृष्ण प्रसाद धिमिरे ने बताया कि बाढ़ के बाद फैली आशंकाओं के बीच सोनौली सीमा से आने वाले पर्यटकों के लिए लुंबिनी, कपिलवस्तु, देवदह और रामग्राम जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल खुले हैं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित हैं। लुंबिनी में बाढ़ का सीधा प्रभाव नहीं पड़ा है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि नेपाल के कुछ हिस्सों में सड़क और बाढ़ की समस्या को पूरे देश की स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सही सूचना पर्यटकों तक पहुंचने से भारतीय और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही दोबारा बढ़ने की उम्मीद है। नेपाल सरकार और पर्यटन व्यवसायियों की कोशिश अब यही है कि आगामी पर्यटन सीजन में पर्यटकों का विश्वास वापस लौटे और सोनौली सहित भारत-नेपाल सीमा से होकर आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या फिर बढ़े।
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सोनौली। भोटेकोशी बाढ़ और पृथ्वी हाईवे बाधित होने के बाद नेपाल के पर्यटन कारोबार को फिर पटरी पर लाने के लिए नेपाल सरकार ने पर्यटकों का भरोसा बहाल करने की मुहिम तेज कर दी है। इसके तहत ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान शुरू किया गया है।
नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान के तहत प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। अभियान के जरिए बताया जा रहा है कि बाढ़ से प्रभावित सीमित क्षेत्रों को छोड़कर देश के प्रमुख पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खुले हैं। नेपाल पर्यटक सोटो के रुपनदेही अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि नेपाल के पर्यटन क्षेत्र के लिए यह पहल खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर से शुरू होने वाला शरद पर्यटन सीजन देश में विदेशी और भारतीय पर्यटकों की आमद के लिहाज से अहम माना जाता है।
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हाल में बाढ़ और सड़क अवरोध से जुड़े समाचारों के कारण पोखरा, चितवन और लुंबिनी के होटलों में बुकिंग रद्द होने लगी थी। अब पर्यटन व्यवसायी पर्यटकों को वास्तविक स्थिति की जानकारी देकर दोबारा नेपाल आने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
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भारतीय पर्यटकों के लिए नेपाल अब भी आकर्षण का केंद्र
भारत से नेपाल आने वाले पर्यटकों के लिए लुंबिनी, पोखरा, चितवन, मुक्तिनाथ और पशुपतिनाथ प्रमुख आकर्षण हैं। इसी वर्ष गर्मी के मौसम में भी उत्तर प्रदेश और बिहार से बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक चितवन और पोखरा पहुंचे थे। नेपाल के पर्यटन कारोबारियों वोतम जोशी और सीपी श्रेष्ठ के अनुसार भारतीय पर्यटक नेपाल में धार्मिक यात्रा के साथ-साथ जंगल सफारी, प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ी पर्यटन को भी पसंद करते हैं। नेपाल में भारतीय पर्यटकों की आवाजाही की संभावनाएं कितनी मजबूत हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून में छह प्रमुख सीमा बिंदुओं से प्रतिदिन 2,000 से अधिक भारतीय वाहन नेपाल में प्रवेश कर रहे थे। इससे होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसाय को भी फायदा हुआ था।
लुंबिनी पूरी तरह पर्यटकों के लिए खुला
नेपाल भैरहवा उद्योग वाणिज्य सन्ध के महासचिव कृष्ण प्रसाद धिमिरे ने बताया कि बाढ़ के बाद फैली आशंकाओं के बीच सोनौली सीमा से आने वाले पर्यटकों के लिए लुंबिनी, कपिलवस्तु, देवदह और रामग्राम जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल खुले हैं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित हैं। लुंबिनी में बाढ़ का सीधा प्रभाव नहीं पड़ा है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि नेपाल के कुछ हिस्सों में सड़क और बाढ़ की समस्या को पूरे देश की स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सही सूचना पर्यटकों तक पहुंचने से भारतीय और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही दोबारा बढ़ने की उम्मीद है। नेपाल सरकार और पर्यटन व्यवसायियों की कोशिश अब यही है कि आगामी पर्यटन सीजन में पर्यटकों का विश्वास वापस लौटे और सोनौली सहित भारत-नेपाल सीमा से होकर आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या फिर बढ़े।