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Maharajganj News: पांच माह में 959 लोगों को सांपों ने डंसा, सतर्कता से बची जान

Sat, 12 Sep 2026 02:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 02:06 AM IST
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959 people bitten by snakes in five months; lives saved through vigilance.
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जुलाई और अगस्त में सामने आए 682 मामले, 69 मरीजों में मिला विषैले सांप के काटने का मामला

सांप पहुंचने के बाद लोग तुरंत पहुंच रहे हैं अस्पताल, झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ रहे लोग

महराजगंज। गर्मी और बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले बढ़ने के बाद लोग काफी सतर्कता बरत रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पांच माह में सर्पदंश के 959 मामले सामने आए। इनमें से 69 को जहरीले सांपों ने काटा था। अच्छी बात यह ही कि इनमें से केवल दो लोगों की मौत हुई। कारण कि लोग सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक के चक्कर में पड़ने की बजाए सीधे अस्पताल जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अप्रैल में 61, मई में 84, जून में 132, जुलाई में 358 और अगस्त में 324 लोगों को सांप के काटने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के लिए लाया गया। जुलाई में सर्वाधिक 358 मामले दर्ज हुए। जुलाई और अगस्त को मिलाकर 682 मामले सामने आए। यह पांच माह के कुल मामलों का करीब 71 प्रतिशत है।
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विषैले सांप के काटने के मामले भी जुलाई और अगस्त में अधिक रहे। जुलाई में 36 और अगस्त में 24 मरीजों में विषैले सांप के काटने की पुष्टि हुई। इनमें न्यूरोपैरालिटिक और वैस्कुलोटॉक्सिक लक्षण वाले मरीज भी शामिल रहे।
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पांच माह में 129 मरीजों को एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) दिया गया। जुलाई में 49 और अगस्त में 52 मरीजों को एएसवी दिया गया। वहीं उपचार के बाद 878 मरीजों को ठीक दर्ज किया गया जबकि 79 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया। इस दौरान दो लोगों की मौत हुई है। अगस्त के अंत में स्वास्थ्य केंद्र के पास 1,630 वायल एएसवी का क्लोजिंग बैलेंस रहा।
सांप के काटने के बाद रहें सतर्क
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह के अनुसार बारिश के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें और नंगे पैर न चलें। खेत, झाड़ियों और घास वाले स्थानों पर जाते समय जूते या गमबूट पहनें। घर के आसपास झाड़ियां, कूड़ा-कचरा और लकड़ियों के ढेर न लगने दें। अनाज व अन्य खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने से चूहों की संख्या कम होगी, जिससे सांपों के घर के आसपास आने की संभावना भी घटेगी। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना भी उपयोगी है।
झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, मरीज को अस्पताल पहुंचाएं
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह के अनुसार सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को शांत रखें, काटे गए अंग को स्थिर रखें और उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। अंग पर कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें, घाव को काटे नहीं और जहर चूसने का प्रयास भी न करें। समय पर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकीय उपचार और जरूरत पड़ने पर एंटी-स्नेक वेनम से जान बचाई जा सकती है।

वर्जन
जिले में अप्रैल से अगस्त तक सांप काटने के 959 मामले सामने आए हैं। 79 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया जबकि मई में एक मरीज की मौत हुई। सर्पदंश के बाद घबराने की बजाय मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर एएसवी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
- डॉ. अंग्रेस सिंह, नोडल अधिकारी टीकाकरण
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