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Maharajganj News: 98 लाख ऋण दबाए बैठे हैं 79 उद्यमी, विभाग की बढ़ी मुश्किल
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- ग्रामोद्योग विभाग की ओर से चलती थी कन्सोर्शियम बैंक क्रेडिट ऋण योजना, 151 लोग हुए थे लाभांवित, 72 ने चुकता किया है कर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ग्रामोद्योग विभाग की ओर से चलने वाली सीबीसी (कन्सोर्शियम बैंक क्रेडिट) ऋण योजना का बुरा हाल हाल है। इसके तहत कुल 151 लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों मेें ऋण प्राप्त किया था, जिसमें से 72 ने ऋण चुकता कर दिया। शेष 79 लोगों की ओर से अब धन को जमा करने में रुचि नहीं ली जा रही है। अभी भी विभाग पर कुल 98 लाख का बकाया चल रहा है।
सीबीसी ऋण योजना के तहत वर्ष 1995-96 से इच्छुक लोगों को कुम्हारी कला, अगरबत्ती निर्माण, डेयरी व ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 1997-98 तक योजना के तहत कुल 151 लोगों में 25 लाख 18 हजार 17 रुपये का ऋण वितरित किया गया। जिसमें से 72 लोगों ने 15 लाख 17 हजार 456 रुपये की धनराशि निर्धारित समयसीमा में जमा कर दी। शेष बचे 79 लोगों पर 10 लाख 561 रुपया मूलधन बाकी रह गया। इनकी ओर से ध्यान न दिए जाने से अब उनके बकाए धनराशि पर चक्रवृद्धि ब्याज लगा है, जिससे उनका बकाया बढ़कर 98 लाख, 35 हजार, 953 रुपये पहुंच गया है।
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ऋण माफी के चक्कर में नहीं जमा हो रही धनराशि
सभी 79 बकाएदारों को लगता है कि चुनावी वर्ष में उन्हें ऋणमाफी का लाभ मिल जाएगा, इसीलिए वे धन को जमा नहीं कर रहे हैं। विभाग ने बकाएदार सभी को 10 वर्ष पहले आरसी जारी कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी धनराशि की वसूली करने में अमीन शिथिल हैं।
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विभाग की ओर से मूलधन जमा करने की सहूलियत
ग्रामोद्योग विभाग की ओर से ऋणियों से बकाए को जमा कराने के लिए समय-समय पर एकमुश्त समाधान योजना भी लाई गई। इसमें ऋणियों को सिर्फ अपने बकाए मूलधन को जमा करना था, लेकिन ऋणियों ने उसमें भी रुचि नहीं दिखाई।
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विभाग के टाप फाइव बकाएदार
विभाग की ओर से टाप फाइव बकाएदारों मेें जसबीर सिंह पर 1,97,900, अजय पांडेय पर 1,77,250, सुरेशचंद्र पर 1,75,402, परमजीत कौर पर 1,74,284 एवं संत सिंह पर 79,200 रुपये बाकी हैं।
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सीबीसी ऋण योजना के तहत सभी ऋणियों की आरसी हो चुकी है। अब एक बार फिर सभी को अंतिम नोटिस भेजे जाने के निर्देश मिले हैं। जल्द ही सभी बकाएदार 79 ऋणियों को नोटिस भेजकर धन को जमा कराने को कहा जाएगा।
रामचंद्र प्रसाद, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ग्रामोद्योग विभाग की ओर से चलने वाली सीबीसी (कन्सोर्शियम बैंक क्रेडिट) ऋण योजना का बुरा हाल हाल है। इसके तहत कुल 151 लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों मेें ऋण प्राप्त किया था, जिसमें से 72 ने ऋण चुकता कर दिया। शेष 79 लोगों की ओर से अब धन को जमा करने में रुचि नहीं ली जा रही है। अभी भी विभाग पर कुल 98 लाख का बकाया चल रहा है।
सीबीसी ऋण योजना के तहत वर्ष 1995-96 से इच्छुक लोगों को कुम्हारी कला, अगरबत्ती निर्माण, डेयरी व ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 1997-98 तक योजना के तहत कुल 151 लोगों में 25 लाख 18 हजार 17 रुपये का ऋण वितरित किया गया। जिसमें से 72 लोगों ने 15 लाख 17 हजार 456 रुपये की धनराशि निर्धारित समयसीमा में जमा कर दी। शेष बचे 79 लोगों पर 10 लाख 561 रुपया मूलधन बाकी रह गया। इनकी ओर से ध्यान न दिए जाने से अब उनके बकाए धनराशि पर चक्रवृद्धि ब्याज लगा है, जिससे उनका बकाया बढ़कर 98 लाख, 35 हजार, 953 रुपये पहुंच गया है।
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ऋण माफी के चक्कर में नहीं जमा हो रही धनराशि
सभी 79 बकाएदारों को लगता है कि चुनावी वर्ष में उन्हें ऋणमाफी का लाभ मिल जाएगा, इसीलिए वे धन को जमा नहीं कर रहे हैं। विभाग ने बकाएदार सभी को 10 वर्ष पहले आरसी जारी कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी धनराशि की वसूली करने में अमीन शिथिल हैं।
विभाग की ओर से मूलधन जमा करने की सहूलियत
ग्रामोद्योग विभाग की ओर से ऋणियों से बकाए को जमा कराने के लिए समय-समय पर एकमुश्त समाधान योजना भी लाई गई। इसमें ऋणियों को सिर्फ अपने बकाए मूलधन को जमा करना था, लेकिन ऋणियों ने उसमें भी रुचि नहीं दिखाई।
विभाग के टाप फाइव बकाएदार
विभाग की ओर से टाप फाइव बकाएदारों मेें जसबीर सिंह पर 1,97,900, अजय पांडेय पर 1,77,250, सुरेशचंद्र पर 1,75,402, परमजीत कौर पर 1,74,284 एवं संत सिंह पर 79,200 रुपये बाकी हैं।
सीबीसी ऋण योजना के तहत सभी ऋणियों की आरसी हो चुकी है। अब एक बार फिर सभी को अंतिम नोटिस भेजे जाने के निर्देश मिले हैं। जल्द ही सभी बकाएदार 79 ऋणियों को नोटिस भेजकर धन को जमा कराने को कहा जाएगा।
रामचंद्र प्रसाद, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी