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अस्पताल में भर्ती मासूम में मिले जेई और डेंगू लक्षण से हडकंप
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:28 PM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती मासूम में मिले डेंगू के लक्षण
जेई-एईएस वार्ड में डॉक्टरों की टीम कर रही है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में भर्ती एक बच्चे में जेई और डेंगू के लक्षण मिलने से अस्पताल प्रशासन सर्तक हो गया है। डॉक्टरों की टीम उसके बेहतर इलाज में जुटी है। डॉक्टरों के मुताबिक मासूम की हालत में जल्दी सुधार हो जाएगा।
निचलौल तहसील के बैदौली निवासी वीर सिंह ने बताया कि तीन वर्षीय बेटा सुशील 20 दिनों से बीमार है। एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने सुशील की जांच कराई तो जेई और डेंगू दोनों के लक्षण मिले। डॉ. आलोक भाटिया ने बताया कि जेई और डेंगू मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलता है। सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि जनवरी से अब तक एईएस के कुल 40 मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में हुआ है। इस वर्ष यह पहला बच्चा है जिसमें जेई और डेंगू के लक्षण मिले हैं। इस वर्ष अब तक एईएस के प्रभावित दो बच्चों की मौत हुई है। 9 मरीजों को जिला अस्पताल से गोरखपुर रेफर किया गया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष एईएस के कम मरीज आए हैं। पिछले वर्ष जिला अस्पताल में जेई-एईएस के कुल 200 मरीज आए थे।
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जेई-एईएस वार्ड में डॉक्टरों की टीम कर रही है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में भर्ती एक बच्चे में जेई और डेंगू के लक्षण मिलने से अस्पताल प्रशासन सर्तक हो गया है। डॉक्टरों की टीम उसके बेहतर इलाज में जुटी है। डॉक्टरों के मुताबिक मासूम की हालत में जल्दी सुधार हो जाएगा।
निचलौल तहसील के बैदौली निवासी वीर सिंह ने बताया कि तीन वर्षीय बेटा सुशील 20 दिनों से बीमार है। एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने सुशील की जांच कराई तो जेई और डेंगू दोनों के लक्षण मिले। डॉ. आलोक भाटिया ने बताया कि जेई और डेंगू मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलता है। सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि जनवरी से अब तक एईएस के कुल 40 मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में हुआ है। इस वर्ष यह पहला बच्चा है जिसमें जेई और डेंगू के लक्षण मिले हैं। इस वर्ष अब तक एईएस के प्रभावित दो बच्चों की मौत हुई है। 9 मरीजों को जिला अस्पताल से गोरखपुर रेफर किया गया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष एईएस के कम मरीज आए हैं। पिछले वर्ष जिला अस्पताल में जेई-एईएस के कुल 200 मरीज आए थे।
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