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Maharajganj News: गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के एवज में मिलते थे 30 से 40 हजार
Thu, 22 Feb 2024 08:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 22 Feb 2024 08:52 PM IST
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महराजगंज। नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार नेपाली युवक चरस लेकर दिल्ली जा रहे थे। सुरक्षा कर्मियों की पूछताछ में आरोपियों ने अहम जानकारी दी। बताया कि चरस गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के एवज में 30 से 40 हजार रुपये मिलते हैं। सुबह पकड़ा गया आरोपी भैरहवा से तो दोपहर व शाम को पकड़े गए आरोपी रूकूम से चरस लेकर आ रहे थे।
बुधवार की देर रात बॉर्डर की पेट्रोलिंग कर रही पुलिस को मुखबिर से पहले ही सूचना मिली थी। इस वजह से श्याम काट बगीचे के पास सुरक्षा कर्मियों ने जांच शुरू कर दी। गिरफ्तार हुआ नेपाल के दांग जिले का रहने वाला राम बहादुर खत्री कैरियर के रूप में काम करता था। उसे दिल्ली जाने के बाद स्थान बताया जाता। उसे सिर्फ इतनी जानकारी थी की दिल्ली लेकर जाना है।
सूत्र बताते हैं कि चरस की तस्करी के सिंडिकेट में करीब 150 से 200 सौ कैरियर शामिल हैं। एक कैरियर से एक बार चरस मंगाने के बाद दूसरे से काम लिया जाता है। इससे ये सुरक्षा कर्मियों की नजर में नहीं चढ़ते हैं। एक खेप पहुंचाने में वजन के हिसाब से 30 से 40 हजार की रकम दी जाती है। इस रकम में कैरियर का किराया आदि भी शामिल रहता है। सुरक्षित चरस पहुंचाने के बाद अतिरिक्त रकम भी कैरियर को मिलती है। सीमावर्ती क्षेत्र में चरस बरामदगी का यह कोई नया मामला नहीं है। क्षेत्र में अक्सर बरामदगी होती रहती है। सात आरोपियों से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ की जानकारी ले रही हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी के कारण बरामदगी हो रही है। गिरफ्तार आरोपी को चालान कर दिया गया है।
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बुधवार की देर रात बॉर्डर की पेट्रोलिंग कर रही पुलिस को मुखबिर से पहले ही सूचना मिली थी। इस वजह से श्याम काट बगीचे के पास सुरक्षा कर्मियों ने जांच शुरू कर दी। गिरफ्तार हुआ नेपाल के दांग जिले का रहने वाला राम बहादुर खत्री कैरियर के रूप में काम करता था। उसे दिल्ली जाने के बाद स्थान बताया जाता। उसे सिर्फ इतनी जानकारी थी की दिल्ली लेकर जाना है।
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सूत्र बताते हैं कि चरस की तस्करी के सिंडिकेट में करीब 150 से 200 सौ कैरियर शामिल हैं। एक कैरियर से एक बार चरस मंगाने के बाद दूसरे से काम लिया जाता है। इससे ये सुरक्षा कर्मियों की नजर में नहीं चढ़ते हैं। एक खेप पहुंचाने में वजन के हिसाब से 30 से 40 हजार की रकम दी जाती है। इस रकम में कैरियर का किराया आदि भी शामिल रहता है। सुरक्षित चरस पहुंचाने के बाद अतिरिक्त रकम भी कैरियर को मिलती है। सीमावर्ती क्षेत्र में चरस बरामदगी का यह कोई नया मामला नहीं है। क्षेत्र में अक्सर बरामदगी होती रहती है। सात आरोपियों से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ की जानकारी ले रही हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी के कारण बरामदगी हो रही है। गिरफ्तार आरोपी को चालान कर दिया गया है।