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Maharajganj News: 84 लाख से आत्मनिर्भर बनेंगी 281 समूह की महिलाएं
Sun, 04 Aug 2024 03:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 04 Aug 2024 03:57 AM IST
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महराजगंज। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 281 स्वयं सहायता समूहों को 84 लाख 30 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड (पारिश्रमिक निधि) मिला है। प्रत्येक समूह को 30 हजार रुपये की दर से दिया गया है। समूह में 10 से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। जनपद में 1448 महिला समूह गठन का लक्ष्य मिला है, जबकि अब तक 269 समूहों का ही गठन हो सका है।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। समूहों को रिवाल्विंग फंड देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 281 महिला समूहों को 84 लाख 30 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड दिया गया है। प्रति समूह के खाते में 30 हजार रुपये की दर से भेजा गया है। जनपद में 1448 महिला समूह के लक्ष्य के सापेक्ष 259 समूहों का अभी तक गठन किया जा चुका है।
रिवाल्विंग फंड महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिया जाता है। इस फंड से समूह की महिलाएं छोटे व्यवसाय या उद्यम स्थापित कर सकती हैं। जनपद में बीसी सखी की संख्या 755 है जबकि इनमें क्रियाशील समूह 643 हैं। जनपद के बैंक क्रेडिट लिंकेज का लक्ष्य 4647 हैं, जबकि बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति 3234 है। मिशन के तहत 775 बीसी सखी का चयन किया गया है, जिसमें 647 क्रियाशील हैं।
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उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। समूहों को रिवाल्विंग फंड देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 281 महिला समूहों को 84 लाख 30 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड दिया गया है। प्रति समूह के खाते में 30 हजार रुपये की दर से भेजा गया है। जनपद में 1448 महिला समूह के लक्ष्य के सापेक्ष 259 समूहों का अभी तक गठन किया जा चुका है।
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रिवाल्विंग फंड महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिया जाता है। इस फंड से समूह की महिलाएं छोटे व्यवसाय या उद्यम स्थापित कर सकती हैं। जनपद में बीसी सखी की संख्या 755 है जबकि इनमें क्रियाशील समूह 643 हैं। जनपद के बैंक क्रेडिट लिंकेज का लक्ष्य 4647 हैं, जबकि बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति 3234 है। मिशन के तहत 775 बीसी सखी का चयन किया गया है, जिसमें 647 क्रियाशील हैं।
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