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Maharajganj News: फिर खाली होने लगे पोषण पुनर्वास केंद्र के बेड, पांच पर नहीं कोई मरीज

Mon, 05 Oct 2026 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 02:18 AM IST
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244 children in the district are severely malnourished and 1973 are malnourished.
महराजगंज। जिले में कुपोषण से जंग के दावों के बीच पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की तस्वीर ने एक बार फिर से जिले के कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के अभियान को धूमिल करता नजर आने लगा है। केंद्र के पांच बेड खाली पड़े हैं।
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इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांवों से कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर भर्ती कराया था। कुछ दिन तक केंद्र कुपोषित बच्चों से भरा रहा लेकिन अब फिर वही स्थिति बनने लगी है। पिछले चार दिनों से दस में से पांच बेड एनआरसी पर खाली पड़े हैं।
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जिले में 244 बच्चे गंभीर कुपोषण और 1973 बच्चे कुपोषण के शिकार
एक तरफ जिले में 244 बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं, जबकि 1973 बच्चे कुपोषण से प्रभावित हैं। दूसरी तरफ पोषण पुनर्वास केंद्र में आधी क्षमता के साथ ही उपचार चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों और केंद्र की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर साफ नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अब तक कुल 103 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया है। इनमें अप्रैल में 15, मई में 12, जून में 19, जुलाई में 16, अगस्त में 18 और सितंबर में 19 बच्चों को भर्ती किया गया।
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एनआरसी में भर्ती बच्चों को दिया जाता है पौष्टिक आहार
पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों को उपचार के साथ-साथ पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसमें दूध, दलिया, अंडे व फल शामिल है। साथ ही नियमित रूप से इन बच्चों के सेहत की जांच डॉक्टर द्वारा किया जाता है। एनआरसी पर बच्चों को निर्धारित अवधि तक रखकर उनका वजन और स्वास्थ्य सुधारने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए गांवों में आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें केंद्र तक लाने की व्यवस्था है।


बोले अधिकारीसंबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने का प्रयास किया जाएगा। ओपीडी के माध्यम से भी बच्चों को भर्ती कराया जाता है। इसके लिए आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाएगा।
- डॉ. एके द्विवेदी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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