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सोनौली सीमा पर रोकीं चावल लदी 22 गाड़ियां

Mon, 12 Sep 2022 12:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 12:04 AM IST
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22 carts laden with rice stopped at Sonauli border
सोनौली बार्डर पर खड़ी ट्रक। - फोटो : MAHARAJGANJ
सोनौली सीमा पर रोकीं चावल लदी 22 गाड़ियां
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चावल के निर्यात पर 20 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के बाद कार्रवाई
सोनौली (महराजगंज)। नेपाल जाने के लिए रविवार को सोनौली सीमा पर पहुंचीं चावल लदी 22 गाड़ियां को रोक दिया गया। दरअसल, भारत ने धान और चावल के निर्यात पर 20 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। खुद्दी चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी वजह से गाड़ियों को रोका गया है।
कस्टम अधीक्षक सोनौली शैलेंद्र कुमार पटेल ने बताया नौ सितंबर से नया नियम लागू हो गया है। ब्वायलर और बासमती चावल को छोड़कर अन्य पर 20 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ गई है। खुद्दी चावल के निर्यात पर प्रतिबंध है। इसी वजह से चावल लदी गाड़ियां रोकी गई हैं।
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नेपाल भंसार एजेंट संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शांत कुमार शर्मा ने बताया कि भारत के टैक्स बढ़ाने के फैसले से नेपाल में चावल के दाम बढ़ेंगे। टूटे हुए चावल के निर्यात पर रोक से शराब उद्योग और अनाज उत्पादन पर असर पड़ेगा। भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 21.2 मिलियन टन चावल का निर्यात किया, जिसमें से 3.94 मिलियन टन बासमती था। इसी अवधि में 6 अरब 110 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के गैर-बासमती चावल के निर्यात का आधिकारिक आंकड़ा है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2020-21 में नेपाल ने कई देशों से 47.57 अरब 36 लाख रुपये का धान, चावल और मक्के का आयात किया है।
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